संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ग्राम लुहारी के जितेंद्र हत्याकांड के आरोपी बुद्धप्रकाश की लोकेशन पुलिस को सोमवार दोपहर लुहारी के जंगल में मिली। पुलिस ने घेराबंदी की तो उसने फायरिंग कर दी। जिसमें एक सिपाही हाथ में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हुआ। वहीं, तीन बदमाश चकमा देकर फरार हो गए।
लुहारी गांव में जितेंद्र पुत्र वेदप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आनंदपाल व बुद्धप्रकाश पुत्रगण राजवीर, राशन डीलर जितेंद्र पुत्र महक सिंह, आशु पुत्र अजीत, सुधीर पुत्र स्वर्गीय महक सिंह निवासी लुहारी व अमरपाल उर्फ कालू पुत्र श्याम सिंह, उसका भतीजा राहुल पुत्र धर्मवीर, राहुल उर्फ टिंकू पुत्र बिजेंद्र आदि जितेंद्र को बीती 28 मार्च की रात कोताना गांव के कब्रिस्तान के पास ले गए और सभी ने शराब पी। इसके बाद सुधीर के ट्रैक्टर से लुहारी गांव आ गए और जितेंद्र की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने बीती एक अप्रैल को मुखबिर से जानकारी पाकर आशु पुत्र अजीज व सुधीर पुत्र स्वर्गीय महक सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि आनंद व जितेंद्र पुत्र महक सिंह समेत अन्य आरोपी फरार हैं।
पुलिस को दोपहर में जानकारी मिली कि जितेंद्र हत्याकांड का आरोपी बुद्धप्रकाश पुत्र राजवीर लुहारी के जंगल में देखा गया है। वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इस पर एएसपी मनीष मिश्र, सीओ युवराज सिंह, कोतवाली प्रभारी मगनवीर सिंह व कई थानों की फोर्स लुहारी के जंगल पहुंची और घेराबंदी की। इस पर बदमाश ने पुलिस पर फायर कर दिया। जिसमें बड़ौत कोतवाली का सिपाही कवित हाथ में गोली लगने से घायल हो गया। वहीं, जवाबी कार्रवाई में बुद्धप्रकाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घायल सिपाही व बदमाश को नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मौके से बाइक, तमंचा, कारतूस व खोखे बरामद किए।
दो सगे भाइयों की कर चुका है हत्या
कुख्यात अमरपाल पुत्र कालू निवासी लुहारा ने शेरपुर लुहारा गांव निवासी दो सगे भाई पप्पू कश्यप और विकास कश्यप का गत 15 जुलाई 2015 को अपहरण कर ग्राम बदरखा यमुना खादर में गर्दन काट कर हत्या कर दी थी। वहीं, 17 जुलाई को यमुना खादर में दोनों भाइयों की गर्दन कटी लाश मिली थी। इस मामले में अमरपाल जेल गया था। वहीं, जनपद के चर्चित सतपाल शर्मा हत्याकांड में अमरपाल लुहारा पर जिला कारागार में रहते हुए साजिश रचने का आरोप लगा था।