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आरक्षण के लिए जाटों ने भरी हुंकार

Mon, 31 Aug 2015 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत के बड़ौत क्षेत्र में जाट आरक्षण बचाओ महा आंदोलन के तत्वाधान में जवाहर इंटर कॉलेज बामनौली में हुई जाट आरक्षण प्राप्त करो महारैली में वक्ता केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। ऐलान किया कि सितंबर में दिल्ली को घेरी जाएगी। यदि फिर भी सरकार की आंख न खुली तो रेल रोको आंदोलन चलाया जाएगा।
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रविवार को आयोजित जाट आरक्षण बचाओ संकल्प महारैली में जाट आरक्षण बचाओ महा आंदोलन के चीफ कोआर्डिनेटर धर्मबीर चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नौ राज्यों का आरक्षण रद्द कर दिया। हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा प्रदेश का भी आरक्षण रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार मानते हुए हाईकोर्ट उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों का आरक्षण भी खत्म कर सकता है।

इसलिए पूरे देश को पार्टीबाजी और गुटबाजी से ऊपर उठकर समाज के अस्तित्व को जिंदा रखने के लिए एक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण गया, जमीन जाने वाली है और प्रकृति प्रकोप भी आ रहे हैं, ऐसे तो मरना तय है। अब मरना कैसे है, यह हमें तय करना है। भूखे मरना चाहते हो तो चुप बैठ जाओं और संघर्ष करके मरने चाहते हो तो मैदान में आ जाओ। उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। पूरे देश में रैलियों के आयोजन किए जाएंगे।
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सितंबर माह में दिल्ली को घेरना का काम किया जाएगा और इसके बाद ट्रेन रोको आंदोलन होगा। सभी वक्ताओं ने आरक्षण को लेकर एकजुटता का आह्वान किया। महारैली की अध्यक्षता 84 खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने की। संचालन दीप चौधरी ने किया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सरदार सिंह, पूर्व विधायक डॉ. अजय सिंह, पूर्व आईएएस डीएस वर्मा, बिजेंद्र सिंह, डॉ. अजय चौधरी, प्रवीण सिंह, सुभाष डबास, प्रदीप चौधरी, जीत सिंह, आनंद चौधरी, एसके तोमर, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, दीपा अंतिल, रणवीर सिंह सूप, चौधरी यशपाल सिंह, जितेंद्र आर्य, पूर्व विधायक जयप्रकाश, महेंद्र सिंह, योगेंद्र सोलंकी, मास्टर अकरम, डॉ. यूसुफ, धर्मवीर सिंह बिजनौर, हेमंत एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।

आंदोलन को मिला बल
बड़ौत। जवाहर इंटर कॉलेज बामनौली में आरक्षण प्राप्त करों संकल्प महारैली में जाटों की भीड़ से आरक्षण आंदोलन को एक बल मिला है। सुबह से ही महारैली में ट्रैक्टर ट्रॉलियों और वाहनों से ढोल, नगाड़ों के साथ समाज के लोगों का आना जारी रहा। दोपहर बाद मैदान खचाखच भर गया। केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। महारैली को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

ना घुसने दे गांवों में
बड़ौत। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने केंद्र में जाटों को आरक्षण देने का काम किया था, लेकिन वर्तमान मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ठीक पैरवी न कर जाटों से आरक्षण का हक छीन लिया। इससे जाटों के बेरोजगार युवाओं को अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद भी नौकरियों से वंचित रहना पड़ रहा है। आह्वान किया कि जाट समाज के सांसद और विधायक भी यदि क्षेत्र में आए तो उन्हें भी पकड़ो। यदि वे कुछ न करें तो उन्हें गांव में न घुसने दें।
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