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तेज हवा के साथ आठ घंटे बरसे बदरा

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जिले भर में 18 मिलीमीटर हुई बारिश, तरणताल बनी जिले की सड़के
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बारिश से पेड़ व फसलें गिरी, विद्युत आपूर्ति भी हुई ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/ अग्रवाल मंडी टटीरी/ रमाला/ दोघट। जिले में बृहस्पतिवार को तेज हवा के साथ बदरा जमकर बरसे। करीब आठ घंटे में 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस बारिश में जहां गन्ने की फसल व पेड़ गिर गए, वहीं विद्युत लाइन टूटने से देहात क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई। शहर के अलावा रमाला, अग्रवाल मंडी टटीरी, दोघट क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जलभराव हो गया है। पानी की निकासी न होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
नगर के पुराना कस्बा, कोर्ट रोड़, मोहल्ला मुगलपुरा, चौगामा, कस्बा टीकरी, दोघट के अलावा दाहा, निरपुड़ा, भड़ल में जलभराव होने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा। टीकरी कस्बे में चरण सिंह, जितेंद्र, सुंदर पाल, ओमपाल, उदयवीर, रतन, जगदीश, राजीव सभासद आदि लोगों के घरों में बरसात का पानी घुस गया। कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी की भर भानिया पट्टी में भी बरसात का पानी घरों में पानी भर गया। इसके अलावा नगर के प्रीतम, ओमे, किरण पाल, कालू , वेदु, अली शेर, बेगराम, भवर सिंह सहित अनेक नागरिकों के घरों में पानी घुस गया। नागरिकों ने नगर पंचायत से पानी निकासी की मांग की है। ब्राह्मण पुट्ठी के मनीष पंडित ने डीएम को भेजे ज्ञापन में जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। रमाला क्षेत्र में पेड़ और बिजली के तार टूट गए। इससे क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित हो गई। पूर्वी यमुना नहर की पटरी पर पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। राहगीरों ने पेड़ को सड़क से हटाकर आवागमन शुरू किया।
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खेकड़ा, चौहल्दा व रटौल में मकान गिरे
चांदीनगर/खेकड़ा। रटौल गांव के साहिर पुत्र रफात ने बताया की घर के पास ही बने कमरे में उसके दो पशु बंधे हुए थे। बृहस्पतिवार को हुई बरसात से उसका पशुओं का कमरा गिर गया। उसके दो पशु घायल हो गए। गांव के लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उधर, चौहल्दा के शकील पुत्र इमामुद्दीन ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह बरसात के कारण उसके मकान का एक कमरा गिर गया है अन्य कमरों में दरारें आ गई है। उसने जिलाधिकारी से मुआवजे की मांग की है। वहीं, खेकड़ा की लाइनपार बस्ती निवासी श्रमिक सुरेंद्र पुत्र जयप्रकाश के मकान का एक कमरा भी बारिश में भरभराकर गिर गया। कमरे में मौजूद उसकी पत्नी और बच्चे किसी तरह बाहर निकले जबकि वह मलबे में दब गया। आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकाला। मलबे में दबने से उसके पैर में चोट लग गई। घायल श्रमिक ने एसडीएम से सहायता राशि दिलवाने की मांग की। एसडीएम गुलशन कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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