- अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस पर बेटी को बनाया गया थानाध्यक्ष
- दंपतियों की बीच चले आ रहे मनमुटाव को दूर कर साथ भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सम्राट पृथ्वीराज चौहान कॉलेज की होनहार छात्रा इशरत जहां को अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस पर दो घंटे के लिए महिला थाना प्रभारी बनाया गया। बिटिया ने जिम्मेदारी संभालते ही चार दंपतियों के झगड़े में सुलह कराई। खुशी-खुशी दंपतियों को उनके घर भेजा। होनहार का कहना है कि सुलहनामा कराकर वह बेहद खुश हैं।
चमरावल रोड की रहने वाली इशरत जहां बीएड अंतिम वर्ष की छात्रा है। शुक्रवार को सीओ सदर ओमपाल सिंह और महिला थाना प्रभारी नेहा चौहान ने उन्हें शाम करीब चार बजे थाने का चार्ज सौंपा। इशरत जहां ने कुर्सी पर बैठते ही थाने पहुंचे दंपत्तियों को एक-एक कर बुलाना शुरू किया। दंपति फुरकान और परवीन के बीच घरेलू उत्पीड़न को लेकर मनमुटाव था। इशरत जहां ने दोनों की बात सुनीं और गलतफहमी को दूर कराया। दंपति एक साथ रहने पर राजी हुए तो दोनों को साथ भेज दिया गया। बिटिया ने एक-एक करके चार मामलों की सुनवाई की। चारों घरेलू उत्पीड़न के प्रकरण थे, जिनमें निपटारा कर दंपतियों के बीच सुलहनामा कराया।
इशरत बोली, परिवार एक पौधा देखभाल करें
बागपत। इशरत जहां ने दंपतियों से कहा कि किसी भी जल्दबाजी, गलतफहमी और भ्रम में परिवारों को नहीं तोड़ना चाहिए। अगर कोई मनमुटाव भी है तो एक साथ बैठकर दूर करें। हर समस्या का समाधान हैं। अपने परिवारों के साथ खुशी से रहें। जिस तरह पौधे की देखभाल की जाती है, अपने-अपने परिवारों की देखभाल करें।
छात्राओं को मिलना चाहिए मौका : सीओ
बागपत। सीओ सदर ओमपाल सिंह ने कहा कि इशरत जहां ने दंपतियों की समस्या को अच्छी तरह सुना और समाधान किया। इससे पुलिस और युवाओं के बीच दूरियां कम होगी। युवाओं को पुलिसिंग सीखने को मिलेगी। भविष्य के लिए यह जरूरी है।
इशरत जहां को किया गया सम्मानित
बागपत। महिला एसओ नेहा चौहान ने छात्रा इशरत जहां को सम्मानित किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनिल चौहान ने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है। होनहार बच्चों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यह अनुभव भी जरूरी है।