बागपत। लोनी के स्क्रैप व्यापारी एवं प्रापर्टी डीलर इरशाद मलिक के अपहरण का मामला पुलिस की जांच में झूठा पाया गया। पुलिस का दावा है कि इरशाद ने दस लाख रुपये के प्लाट के कागज के लेनदेन को लेकर उसने अपने अपहरण का फर्जी ड्रामा किया था। आरोपी इरशाद के खिलाफ इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
सीओ राजवीर सिंह ने बताया व्यापारी इरशाद का एक प्लाट का लोनी के मेहरबान से लेनदेन चल रहा है। प्लाट की कीमत करीब दस लाख रुपये है। प्लाट के कागज इरशाद के पास ही थे। मेहरबान लगातार कागजों की मांग कर रहा था, लेकिन इरशाद कागज नहीं दे रहा था। इसे लेकर उसने अपहरण कर ड्रामा किया है। इसके अलावा भी उसका कई लोगों से विवाद है। उस पर कर्ज भी बताया जा रहा है। आरोपी इरशाद के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार के अनुसार फिलहाल व्यापारी इरशाद को छोड़ दिया गया है।
उधर व्यापारी इरशाद के बेटे मेहराज का कहना है कि उसके पिता का अपहरण हुआ था। उन्होंने कोई झूठ नहीं बोला है। मेहराज के साथ आए लोगों का कहा है कि पुलिस उनको इरशाद से मिलने भी नहीं दे रही है।
डेढ़ माह पूर्व जेल गया था इरशाद
बागपत। सीओ राजवीर सिंह का कहना है कि डेढ़ माह पूर्व गाजियाबाद में इरशाद किसी मामले में जेल गया था। मामले का पता लगाया जा रहा है।
व्यापारी बोल रहा, मेरा अपहरण हुआ
बागपत। पुलिस का कहना है कि व्यापारी इरशाद लगातार बोल रहा है कि उसका बदमाशों ने अपहरण किया था।