संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ग्राम सचिवालय काफी छोटे बनाकर खेल करने के मामले में डीएम ने डीपीआरओ से जवाब मांगा तो इसकी जांच शुरू करा दी गई है। वहीं, सबसे ज्यादा हालात खेकड़ा ब्लॉक के खराब मिले हैं। यहां बीडीओ ने मौके पर जाकर देखने की जरूरत नहीं समझी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
गांवों में ग्राम सचिवालय बनाने के बाद ही अन्य विकास कार्य कराए जाने के आदेश दिए गए तो सचिवालय निर्माण में खेल किया गया। ग्राम सचिवालय बनाने के लिए भले ही तीन मानक 145 वर्ग मीटर, 113 वर्ग मीटर, 100 वर्ग मीटर हो, लेकिन 20 वर्ग मीटर तक के भी सचिवालय बना दिए गए। ऐसे में ग्रामीणों को एक ही जगह पर सभी सुविधाएं कैसे मिल सकती हैं। उन सचिवालयों में एक मेज व चार कुर्सी भी नहीं रखी जा सकती हैं। अमर उजाला के यह पूरा मामला उजागर करने के बाद डीएम राजकमल यादव ने डीपीआरओ से जवाब मांगा है। जिस पर डीपीआरओ अमित त्यागी ने जांच शुरू करा दी है। आखिर ग्राम सचिवालय इतने छोटे क्यों बनाए गए हैं। वहीं, डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि इनकी जांच कराई जा रही है। इनका अब बजट बढ़वाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिससे इन सभी ग्राम सचिवालयों को बड़ा बनवाया जा सके।
पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों के कलस्टर बदले
बागपत। डीपीआरओ अमित त्यागी ने जिलेभर के पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों के कलस्टर बदले। जिन्हें तीन दिन में चार्ज लेने के आदेश दिए गए। डीपीआरओ ने बताया कि खेकड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा को तुगाना कलस्टर, कुबेर खोखर को सिरसली, प्रिंस कुमार जैन को भड़ल, अंकुर भारद्वाज को मिलाना, गौरव राणा को बरनावा कलस्टर में स्थानांतरित किया गया है। संवाद