जांच कमेटी ने मलकपुर की जांच डीपीआरओ को सौंपी
बड़ौत (बागपत)। मलकपुर गांव मेें विकास कार्यों में घपले के आरोप के बाद डीएम के आदेश पर बनी तीन सदस्य जांच कमेटी ने सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट मेें गलत फीडिंग कराएं जाने पर ग्राम सचिव की लापरवाही सामने आई है। उधर, प्रधान ने कहा गांव में कराएं गए विकास कार्यों में कोई घपला नहीं हुआ है। ग्रामीण स्वयं कमेटी बनाकर जांच कर सकते हैं। यदि घपला मिला तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।
उल्लेखनीय है कि मलकपुर गांव में विकास कार्यों में लाखों का गबन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने हंगामा किया । बार-बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने तहसील पर धरना दिया और ट्रैक्टर - ट्राली और बुग्गी मेें सामान लादकर पलायन करने तक की धमकी दे डाली। पलायन का मामला पूरे प्रदेश में छा गया। मामले को गंभीरता से लेकर डीएम शकुंतला गौतम ने जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमेंद्र को जांच कमेटी बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की। इसमें अवर अभियंता लघु सिंचाई बड़ौत अमित देशवाल, क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के प्राचार्य डॉ. सौरभ राजपूत और जिला विकास अधिकारी हुबलाल रहे। जांच समिति के अध्यक्ष डीडीओ रहे। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच की। सोमवार को डीपीआरओ को सौंपी जांच रिपोर्ट में सचिव रोहित द्वारा गलत फीडिंग कराने का मामला सामने आया है। इसमें सचिव की लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट मेें बताया गया कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं प्लान प्लस पर मेल न होने के कारण कराएं गए कार्यों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उक्त भ्रम की स्थिति के कारण ही शिकायतकर्ता ने शिकायत की। उधर, ग्राम सचिव रोहित ने कहा उनके द्वारा सही फीडिंग की है, लेकिन फीडिंग निजी कंप्यूटर द्वारा कराई जाती है, वहीं से ही सारी त्रुटि हुई है। इसमें उनका कोई दोष नहीं है। उधर, प्रधान कृष्णपाल ने बताया कि विकास कार्यों में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, ग्रामीण स्वयं की कमेटी बना लें, यदि दोषी मिले तो ग्राम प्रधान पद से इस्तीफा दे दूंगा। साथ ही शिकायकर्ता के खिलाफ मानहानि का मामला भी किया जाएगा।