बागपत। बड़ौत व बिनौली ब्लॉक की 35 ग्राम पंचायतों पर 2016-17 में हुए सोशल ऑडिट में लगभग 28.48 लाख रुपये की रिकवरी निकली थी। निर्देश के बावजूद रिकवरी नहीं की गई। डीडीओ हुबलाल ने दोनों ब्लॉक के बीडीओ को ग्राम पंचायतों से रिकवरी कर धनराशि सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के नाम पर 28.48 लाख रुपये का दुरुपयोग किया गया था। वर्ष 2016-17 में बड़ौत ब्लॉक की 28 व बिनौली ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों में 28 लाख 48 हजार 627 रुपये की रिकवरी निकली। इसमें बड़ौत ब्लॉक से 22 लाख 72 हजार 87 रुपये व बिनौली ब्लॉक से पांच लाख 76 हजार 540 रुपये की रिकवरी होनी थी। सीडीओ के आदेश पर डीडीओ हुबलाल ने बीडीओ को ग्राम पंचायतों से रिकवरी कर धनराशि सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
किस ग्राम पंचायत पर कितनी रिकवरी
बड़ौत ब्लॉक में अलावलपुर में 3 लाख 61 हजार 928 रुपये, अंगदपुर में 5 हजार 796, आसिफपुर खड़ख़ड़ी में 1771, बाम में 14 हजार 007, बावली में 1 लाख 25 हजार 741, बड़ावद में 20 हजार 286, बडक़ा में 71 हजार 806, बिजरौली में 5 हजार 796, बराल में 62 हजार 307, छछरपुर में 32 हजार 625, चौबली में 8 हजार 372, ढिकाना में 5 हजार 796, फतेहपुर चक में 5 हजार 957, हसनपुर जिवानी में 24 हजार 154, इब्राहिमपुर माजरा में 38 हजार 640, इदरीशपुर 2 लाख 25 हजार 123, जिवाना में 2 लाख 41 हजार 612, किशनपुर में 1 लाख 34 हजार 757, कोताना में 1 लाख 93 हजार 200, मलकपुर में 1 लाख 07 हजार 750, ओसिक्का में 41 हजार 936, सिनौली में 1 हजार 932, शबगा में 11 हजार 697, जोनमाना में 15 हजार 778, वाजिदपुर में 2 हजार 415, कंडेरा में 49 हजार 645 और जोहड़ी में 6 हजार 923 रुपये, बिनौली ब्लॉक में आदमपुर में 10 हजार 1266, आजमपुर मुलसम में 1 लाख 70 हजार 177, बामनौली में 483, बरनावा में 1 लाख 28000, भड़ल में 1 लाख 31 हजार 049, बिजवाड़ा में 15 हजार 456 और बिनौली में 30 हजार 107 रुपये की अनियमितता मिली थी।