चांदीनगर। जिले में बुखार का कहर नहीं रुक रहा है। इसके चलते रटौल में रविवार को पांच माह के बच्चे की मौत हो गई। इस तरह तीन दिन में छह बच्चों की मौत होने से लोगों में दहशत है।
रटौल कस्बे में काफी संख्या में बच्चे बुखार से ग्रस्त हैं। जिनका निजी व सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा है। रटौल कस्बा निवासी दिलशाद के पांच महीने का बेटा माहिर एक सप्ताह पहले बुखार से ग्रसित हो गया था। उसका पहले निजी चिकित्सक और तबियत बिगड़ने पर दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराया गया। वहां रविवार को माहिर की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। उधर, बुखार से ग्रसित बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। जिस पर कस्बा निवासी लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाकर उपचार कराने तथा फॉगिंग कराने की मांग की।
एक दिन में हुई थी पांच की मौत
बुखार के कहर को लेकर हर कोई परेशान है। जिसमें बुखार से एक दिन में छपरौली कस्बे के भुवाला पट्टी निवासी छात्रा खुशी जैन, लूम्ब गांव निवासी किशोरी मन्नू, रटौल में 11 वर्षीय अलिफ्सा, दोघट के मोहल्ला मादान निवासी लक्ष्य व मोहल्ला पट्टी तिरोशिया निवासी लक्षित की मौत हो गई थी। इसके बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में जाकर जांच भी की।
अब तक मिल चुके हैं डेंगू के 24 मरीज
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके चलते अभी तक 24 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। चौगामा क्षेत्र के कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 967 मरीजों का हुआ उपचार
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रविवार को 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व तीन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया । जहां चिकित्सकों ने 967 मरीजों की जांच के बाद उपचार किया। साथ ही 30 मरीजों की आरटी पीसीआर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर बच्चे के परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों की जांच कराई जाएगी। पांच बच्चों की मौत के मामले में किसी के घर के आसपास डेंगू का लार्वा नहीं मिला। बच्चों में बुखार को लेकर अभिभावक भी सावधानी बरतें।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ