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Baghpat News: अमेरिका के पुराने ऑर्डर अटके, उद्यमियों ने नए लेने बंद किए

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बागपत। अमेरिका के 25 फीसदी शुल्क लगाने की घोषणा ने जिले के उद्योगों को भी बड़ा झटका दे दिया। इससे अमेरिका से मिले उत्पादों के पुराने ऑर्डर अटक गए हैं और उद्यमियों ने नए ऑर्डर लेने से मना कर दिया है।
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यहां से घरेलू साज सज्जा और पावरलूम के बने उत्पाद वहां निर्यात किए जाते हैं। इस विवाद में उद्यमियों की चिंता भी बढ़ गई है। एक जनपद-एक उत्पाद योजना में जिले में घरेलू साज सज्जा के उत्पादों के लिए कई कंपनियां संचालित हैं, जहां तैयार होने वाली बेड शीट, पर्दे, कुशन कवर, तौलिये व पत्थर से बनी मूर्तियां और अन्य उत्पादों की अमेरिका में अच्छी मांग है। यहां से साल में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों का निर्यात भी किया जाता है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी शुल्क लगाने की घोषणा की है। इसके बाद से उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है। इस कारण जिले की कंपनियों में तैयार होने वाले उत्पादों को ऑर्डर के बाद भी रोक दिया गया।

ये बोले उद्यमी
-हमारी कंपनी में पेपर पैकेजिंग के उत्पाद तैयार होते हैं। पिछले तीन साल में 25 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर के उत्पाद तैयार कर अमेरिका भेजे गए लेकिन अब शुल्क विवाद शुरू होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। पिछले कुछ महीनों में करीब छह करोड़ रुपये के ऑर्डर निरस्त हो गए। इस विवाद के चलते नए ऑर्डर भी नहीं आ रहे।
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-अमितांशु अग्रवाल, उद्यमी
पत्थर से तैयार होने वाले घरेलू साज सज्जा के उत्पाद अमेरिका तक निर्यात किए जाते हैं। 25 फीसदी शुल्क लगाने की घोषणा से कारोबार प्रभावित हो रहा है और पहले लिए गए ऑर्डर भी निर्यात नहीं किए गए। अब नए ऑर्डर देने से अमेरिका के निवेशक भी पीछे हट रहे हैं। शुल्क कितना लगेगा और कब से लगेगा, अभी यह स्थिति भी स्पष्ट नहीं हुई। सरकार को इस समस्या का समाधान कराने के लिए कदम उठाने चाहिए।
-आशीष जैन, उद्यमी
पहली बार अमेरिका समेत अन्य देशों से 55 लाख रुपये के रिम का ऑर्डर मिल रहा था लेकिन शुल्क विवाद शुरू होने के बाद ऑर्डर अटक गया। पहले विदेशों के निवेशक संपर्क कर ऑर्डर को लेकर बातचीत करते रहते थे। अब निवेशकों ने भी संपर्क करना बंद कर दिया। इस विवाद का जल्द समाधान कराया जाए।
-विकास चौधरी, उद्यमी
अमेरिका के साथ कारोबार करने के लिए वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि शुल्क को लेकर नए-नए नियम जारी किए जा रहे हैं। हमारी कंपनी से साल में करीब 90 करोड़ रुपये का कारोबार अमेरिका से होता था। अब 25 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर रोक दिए गए। विवाद थमने के बाद ही उत्पादों का निर्यात किया जाएगा।
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-राहुल गोयल, उद्यमी
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