बागपत। रविवार को बैंक बंद होने के कारण लोगों की कतार एटीएम के बाहर रही। अधिकतर एटीएम बंद रहने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। देहात क्षेत्र में अभी एटीएम से नए नोट निकलने ही शुरू नहीं हुए है, इस कारण मुसीबत और अधिक बढ़ गई है।
रविवार को दाहा, दोघट, टीकरी समेत पूरे देहात क्षेत्र में सुबह से ही एटीएम के बाहर लोगों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। अधिकतर एटीएम नौ कैश दिखाते रहे। बड़ौत और बागपत के आसपास के गांवों के लोग शहर की तरफ दौड़े। बड़ौत में एटीएम पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। लोगों ने कहा एटीएम व्यवस्था अगर दुरुस्त की जाए तो परेशानी कम से कम होगी।
दिव्यांगों और महिलाओं को हो रही परेशानी
बागपत। राष्ट्रीय युवा अधिकार संगठन ने कहा बैंक और एटीएम के बाहर दिव्यांग और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए युवा आगे आएं। संगठन की बैठक में सचिव योगेश कुमार ने कहा फैसला सही है, लेकिन महिलाओं की सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र दुबे ने कहा फैसला सही है। बैठक में नीरज गुप्ता, निकित राणा, पूजा सैनी, बेबी रूहेला आदि मौजूद रहे।
लॉटरी पर नहीं हुआ नोटबंदी का असर
बड़ौत। सरकार चाहे जितने कड़े कानून बनाए, लेकिन कानून तोडने वाले रास्ता खोज लेते हैं। जल्द पैसे कमाने के लोभ में मासूम लोग इनके जाल में फंसते जाते हैं। 26 दिन पूर्व जैसे ही लोगों को नोटबंदी की सूचना मिली, काला धन रखने वालों ने रातो-रात सोना खरीद लिया। दिहाड़ी पर मजदूरों को रखकर बैंक की लाइन में लगाकर रुपये बदलवाए। इसके बाद गरीबों के बैंक खाते की खरीद-फरोख्त भी हुई। गरीबों की गाढ़ी कमाई लूटने वाली एक नंबरी लॉटरी पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन इसके धंधेबाज इसे बदस्तूर जारी रखे हुए हैं। नोटबंदी के बाद भी इस काले कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
खेकड़ा में खराब पड़े एटीएम से बढ़ी मुश्किल
खेकड़ा। नगर और आसपास के क्षेत्र में विभिन्न बैंकों के एटीएम खराब पड़े हैं। इस कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
यहां अधिकतर एटीएम को नए नोट के हिसाब से अभी नहीं बदला गया है। इस कारण ये चालू नहीं हो पाए हैं। लोगों का कहना है कि बैंक अधिकारियों को सबसे पहले एटीएम ठीक कराने चाहिए थे, ताकि लोगों को सहूलियत मिलती। एटीएम चालू नहीं होने के कारण यहां बैंक शाखाओं के बाहर ही खाताधारकों की भीड़ जुट रही है। उन्हें भी पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहा है।