संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा की तपोभूमि में बृहस्पतिवार को अष्टह्निका महापर्व के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर भगवान को आठ श्रीफल समर्पित किए।
पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि नंदीश्वर द्वीप आठवां द्वीप है, जिसके प्रत्येक दिशा में 13-13 जिन मंदिर है। एक-एक मंदिर में 108-108 जिनेंद्र भगवान की प्रतिमाएं है। इन प्रतिमाओं के दर्शन असंख्यात देव कार्तिक, फाल्गुन, आषाढ़ के महीने में अंतिम आठ दिन निरंतर पूजा अर्चना करते हैं। चारों दिशाओं में 52 प्रतिमाएं जिन मंदिर है। जिन प्रतिमा जहां विराजमान होती है, वहां पर सिद्धचक्र महामंडल विधान की आराधना करने पर सभी पापकर्म नष्ट हो जाते है। उन्होंने कहा कि बरनावा में आकर जो मन, वचन, काय से कृत कारित अनुमोदना सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न करते है, वे पुण्य का अर्जन प्राप्त करते है। विधान में सरिता जैन, कृष्णा जैन, बादामी जैन, आशीष जैन, मुकेश जैन, संदीप जैन आदि उपस्थित रहे।