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दहशत में व्यापारियों ने बदल दिया ठिकाना

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अग्रवाल मंडी टटीरी। आपराधिक घटनाओं के कारण टटीरी की गुड़ मंडी, लोहा और फर्नीचर उद्योग प्रभावित हुआ है। दहशत के चलते 20 से अधिक व्यापारी पलायन कर दिल्ली और गाजियाबाद में जाकर बस गए हैं जबकि कुछ दिल्ली से रोजाना आकर यहां व्यापार करते है। शनिवार को खल व्यापारी के साथ हुई लूट के बाद कस्बे के व्यापारियों में दहशत है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
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जिला मुख्यालय से पांच किमी दूर स्थित कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी कभी देशभर में गुड़ मंडी और फर्नीचर उद्योग के लिए प्रसिद्ध थी। उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड के व्यापारी भी गुड़ खरीदने के लिए पहुंचते थे। बीस साल पूर्व रंगदारी नहीं देने पर व्यापारी श्रीकृष्ण का कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। फिरौती वसूलने के बाद उन्हें सकुशल छोड़ दिया गया था। इसके बाद ईंट भट्टा संचालक वीरेंद्र बंसल से भी रंगदारी मांगी गई थी। बाद में वीरेंद्र यहां से पलायन कर गए थे। 10 दिसंबर 2008 को रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने खल व्यापारी किशनचंद, बृजमोहन, सुमंत गोयल, संजय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उधर, कस्बे के व्यापारियों ने जल्द खुलासा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चौकीदारों को रुपये देकर सुरक्षा करा रहे व्यापारी
कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी में रंगदारी न देने पर चार व्यापारियों को मौत के घाट उतारने की घटना के बाद से व्यापारियों को पुलिस पर विश्वास नहीं रहा था। तभी से बाजार की सुरक्षा को व्यापारियों ने दो चौकीदार रखे हुए है, जो रात में मंडी की निगरानी करते है। मगर, दिन में सुरक्षा के लिए यहां पर कोई तैनात नहीं रहता है। चौकीदारों को व्यापारी आपस में रुपये एकत्रित कर देेते है।
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11 गांवों की सुरक्षा का जिम्मा पांच पुलिसकर्मियों पर
अग्रवाल मंडी टटीरी पुलिस चौकी के अंतर्गत कस्बे के अलावा बली, जवाहरपुर मेवला, अहमद शाहपुर पदड़ा, मीतली, गौरीपुर, निबाली, बसा टीकरी, पाबला, चौहल्दा, सूरजपुर महनवा आदि गांव आते है। लोगों की सुरक्षा के लिए मेन रोड और रेलवे स्टेशन रोड पर दो पुलिस चौकी बनाई गई है। मेन रोड वाली पुलिस चौकी पर प्रभारी सहित मात्र पांच पुलिसकर्मी तैनात है जबकि रेलवे स्टेशन रोड वाली पुलिस चौकी पर करीब दो साल से ताला लटका हुआ है। यह स्थिति तब है जब व्यापारियों ने ही रेलवे स्टेशन रोड वाली पुलिस चौकी को बनवाया था। इस तरह 11 गांव के करीब 12 हजार से अधिक लोगों की सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ पांच पुलिसकर्मियों के कंधों पर है।
केस जो नहीं खुले
केस-एक: 21 जनवरी 2019: कस्बे के मेन बाजार में संदीप अग्रवाल की परचून की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया था। करीब एक लाख का सामान चोरी कर लिया। तीनों चोर सीसीटीवी में कैद हो गए। संदीप का आरोप है कि आज तक भी पुलिस चोरों को नहीं पकड़ सकी है।
केेस-दो: मार्च, 2019: मंडी बाजार में ही अशोक सिंघल की ज्वैलरी की दुकान है। दो साल पूर्व तीन युवक यहां पर पहुंचे तथा करीब एक लाख की ज्वैलरी ले उड़े। तीनों आरोपी दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गए। अशोक सिंघल कहते है कि अब खुलासे की आस ही छोड़ दी है।
क्या कहते हैं व्यापारी
जिस मंडी बाजार में रंगदारी न देने पर खूनी खेल खेला गया था, उसी में फिर से दिनदहाड़े लूट से व्यापारियों में दहशत है। जल्द से जल्द पुलिस को मामले का खुलासा करना चाहिए। - प्रमोद गुप्ता, पूर्व चेयरमैन, अग्रवाल मंडी टटीरी।
बदमाशों का दुस्साहस बढ़ा है। तभी दिनदहाड़े कस्बे में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस को रेलवे स्टेशन रोड वाली पुलिस चौकी पर स्टाफ तैनात करना चाहिए। - अंकुर गोयल ,महामंत्री, व्यापार संघ, अग्रवाल मंडी टटीरी।
कस्बे में हो रही वारदात के कारण कई व्यापारी दिल्ली के लिए पलायन कर चुके है। जल्द से जल्द घटनाओं पर अंकुश लगाने को पुलिस को विशेष रणनीति बनानी चाहिए। - संजीव शर्मा, सचिव, परशुरामेश्वर मंदिर समिति, पुरा।
दूसरा दिन बीतने को है, मगर अभी तक भी लूट की वारदात का खुलासा नहीं किया गया है। व्यापारी दहशत में है। जल्द से जल्द वारदात का खुलासा होना चाहिए। - अनिल गोयल, व्यापारी नेता।
पुलिस को खल व्यापारी के साथ हुई लूट का जल्द से जल्द खुलासा करना चाहिए। व्यापारी वर्ग पूरी तरह से पुलिस के साथ है। पुलिस की हर संभव मदद की जाएगी- अभिमन्यु गुप्ता, जिलाध्यक्ष, व्यापार संघ, बागपत
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