महिला और बाल विकास परियोजना के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिला सशक्तीकरण मिशन में जेंडर संवेदनशीलता विषय पर शनिवार को महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, कन्या पाठशाला ढिकौली और श्री नेहरू इंटर कॉलेज पिलाना में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसमें घटते हुए लिंगानुपात और बेटी की शिक्षा पर जोर दिया गया। गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। गोष्ठी में जिला कार्यक्रम को-आर्डिनेटर रेहाना सुल्ताना ने कहा कि आज 21वीं सदी की बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
इसके बाद भी समाज में बेटियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बेटियों के जन्म लेने से पहले ही भ्रूण में हत्या की जा रही है, उनसे जन्म लेने का अधिकार भी छीना जा रहा है और कहीं शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है तो कहीं दहेज के लिए जलाया जा रहा है। इन कुरीतियों को समाप्त कर समाज को बेटियों को बचाने और पढ़ाने के लिए जागरूक करना होगा।
समाज में फैली हुई इन कुरीतियों को समाप्त नहीं किया गया तो न तो राखी बांधने के लिए बहन होगी, न ही बहू और न भाभी होगी। प्रत्येक युवा को लिंग भेदभाव, महिला उत्पीड़न और छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए आगे आना होगा। इसके उपरांत कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर अपने-अपने विचार रखें। इस मौके पर भावना, अंजली, रुबी के अलावा कॉलेज का संपूर्ण स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम की सभी ने प्रशंसा की और इस तरह के आयोजनाे की आवश्यकता बताई।