30 से ज्यादा गांवों में गुल रही बत्ती
शहरों के साथ ही गांवों में भी बत्ती गुल रही। यहां कोताना, जागोस, खामपुर, लुहारी, जोनमाना, ढिक़ाना, बावली, हिलवाडी, गुराना, लौहड्डा, महावतपुर, बावली में आपूर्ति कई घंटे तक ठप रही। वहीं सिंघावली अहीर बिजलीघर में मशीन में फाल्ट आने की वजह से सिंघावली अहीर, नवादा, सेड़भर, हबीबपुर नंगला, बालैनी, बाखरपुर की आपूर्ति ठप रही। इनके अलावा हिसावदा व पिलाना बिजलीघर भी शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे ब्रेकडाउन हो गए, जिनको शाम तक ठीक कराने का प्रयास किया गया।
पेयजल की समस्या भी झेलनी पड़ी
बागपत व बड़ौत में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा। लोगों ने हैंडपंप के सहारे घर में पानी की व्यवस्था की। वहीं गांवों में भी पेयजल को लेकर काफी समस्या रही।
मांगों को पूरा किया जाए
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक मनोहर सिंह तोमर व अन्य कर्मियों ने कहा कि चार साल पहले समान कार्य व समान वेतन सहित सातवें वेतन आयोग को लागू करने और नियमितीकरण की मांग पर समझौता हुआ था। सरकार द्वारा अभी तक समझौते का पालन नहीं करने से विद्युत निगम के कर्मियों को हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उनकी मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही परेशानी
आजाद नगर काॅलोनी के रहने वाले मनु तिवारी ने बताया कि सुबह ग्यारह बजे बिजली गई थी। मगर कई बार फोन करने के बाद भी कर्मचारियों ने मौके पर आकर फाल्ट को दूर करने की भी जहमत नहीं उठाई। गांधी रोड निवासी टीसी जैन का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से मांग करना सही है, लेकिन कई जगह मनमानी हो रही है। आरोप लगाया कि घरों में आए फाल्ट को ठीक करने के लिए 400 से 500 रुपये तक वसूल किए जा रहे है।