- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर गलत वाहन पार्क किए जाने से जा रही लोगों की जान
- मेडिकल के पांच छात्रों की मौत की वजह भी बनीं थी अवैध पार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर हादसों की बड़ी वजह मनमर्जी से भारी वाहनों की अवैध पार्किंग सामने आ रही है। ओवरटेक और ओवरस्पीड के कारण भी हादसे हुए हैं। सीमेंट के एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के पहिये फट जाने के कारण भी कई हादसे हुए।
खेकड़ा स्टेडियम के पास हुए हादसे में चालक ने एक्सप्रेस-वे के जिस किनारे पर टैंकर को खड़ा किया था, वहां पार्किंग की जगह नहीं है। मनमाफिक तरीके से टैंकर खड़ा किया, जिस कारण पीछे से आ रही तेज गति कार टैंकर में टकरा गई। डेढ़ साल पहले मेडिकल के पांच छात्रों की मौत भी गलत तरीके से पार्क किए गए ट्रक के कारण हुई थी। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड, गलत पार्किंग नहीं थम सकी है। ओवरटेक भी हादसों की वजह बन रहा है।
गैस रिसाव हो चुका, पहले भी लगी आग
बागपत। एक्सप्रेस-वे पर कार में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गैस के टैंकर में रिसाव हो गया था, जिस कारण पांच घंटे तक एक्सप्रेस-वे जाम रहा था। बीडीओ बागपत रही स्मृति अवस्थी की गाड़ी में मवी कलां इंटरचेंज के पास आग लग गई थी। बीडीओ ने कूदकर किसी तरह जान बचाई थी। पिछले वर्ष ट्रक से टकराकर एक कार चालक की मौत हो गई थी। कार में आग लग गई थी।
इस तरह बढ़ा हादसों का ग्राफ
बागपत। एक्सप्रेस-वे पर हुए गंभीर हादसों का ब्योरा तैयार किया गया। जून 2018 से दिसंबर 2018 तक आठ दुर्घटनाएं हुई। साल 2019 में 44 घातक हादसे हुए। साल 2020 में अब तक 20 हादसे हो चुके हैं।
दावे किए हजार, इंतजाम गए बेकार
बागपत। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के समय जनसुविधाओं के तमाम दावे किए गए थे, लेकिन अब तक व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी। दावा किया गया था कि एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड वाहन चलाने पर ऑटो चालान कटेगा। वाहन चालक जैसे ही एक्सप्रेस-वे से एग्जिट करेगा, तभी चालान का शुल्क अदा करना होगा, लेकिन इस सुविधा की शुरूआत अब तक नहीं हो सकी है। एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधा दी जानी थी, लेकिन अभी तक अधिकतर सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी है। सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हुए हैं।