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Baghpat News: बुजुर्ग को कागजों में मार दिया तो पेंशन का दम खुद ही टूट गया

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- किशनपुर के रहने वाले बुजुर्ग को सचिव ने बिना जांच के मरा हुआ दिखाया, पेंशन रुकने पर पता चला
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- बुजुर्ग ने डीएम से सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, प्रधान ने भी उसके जिंदा होने के सुबूत दिए
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। किशनपुर गांव के बुजुर्ग ओमपाल को पंचायत सचिव ने जांच किए बिना कागजों में मार डाला। इसके बाद कागजों में मरे बुजुर्ग की पेंशन भी तुरंत बंद हो गई। सचिव की लापरवाही के कारण अब वह कागजों में दोबारा जिंदा होने व पेंशन शुरू कराने के लिए अधिकारियों के पास चक्कर काट रहा है। साथ ही डीएम से सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
वृद्धा पेंशन के लाभार्थियों का हर साल सत्यापन कराया जाता है, मगर किशनपुर गांव के बुजुर्ग ओमपाल का पंचायत सचिव शैंकी ने ऐसा सत्यापन किया कि उनको जिंदा होने पर भी कागजों में मार डाला। लापरवाही की हद तो यह है कि पंचायत सचिव उनके घर जानकारी तक करने नहीं गया और खुद ही ओमपाल को मरा हुआ बताकर रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट के आधार पर समाज कल्याण विभाग ने ओमपाल की पेंशन बंद कर दी। पेंशन नहीं आने होने पर ओमपाल जब जानकारी करने विभाग के कार्यालय में गए तो वहां बताया कि ओमपाल मर चुके हैं, इसलिए उनकी पेंशन नहीं आ रही है। यह सुनकर ओमपाल ने कहा कि मैं ही ओमपाल हूं। वहां से ओमपाल सीधे डीएम के पास पहुंचे और उनको पूरा मामला बताते हुए खुद के जिंदा होने के सबूत दिए। ओमपाल ने डीएम से सचिव के खिलाफ कार्रवाई और पेंशन शुरू कराने की मांग की। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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सचिव ने खुद कहा, मैंने घर जाकर नहीं की जांच

किशनपुर गांव की सचिव शैंकी ने खुद यह बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह ओमपाल के घर नहीं गई। उसने ग्राम सभा की बैठक में पूछा तो ओमपाल के मृतक होने की बात बताई गई, जबकि गांव में कई ओमपाल हैं। उसने खुद माना कि गलती से मृतक दिखाकर रिपोर्ट भेज दी गई है। फिर से सत्यापन रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।
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