बागपत। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थी ही नहीं पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शिक्षकों में सामंजस्य नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या भी पोर्टल पर सही अपडेट नहीं कराई जा रही है। इससे सीएम डैश बोर्ड पर बेसिक शिक्षा विभाग की रैंकिंग गिर रही है। अब बीएसए ने आदेश जारी कर दिया कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम होगी, वहां सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं का वेतन रोका जाएगा।
अधिकारियों ने पिछले दिनों कई विद्यालयों में निरीक्षण किया था, जहां विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम मिली थी। स्थिति यह थी कि जिन विद्यालयों में 130 विद्यार्थी पंजीकृत थे, वहां केवल 29 उपस्थित मिले। जिन विद्यालयों में 400 तक विद्यार्थी पंजीकृत थे, वहां 65 ही उपस्थित मिले। विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए कई बार प्रधानाध्यापक व अन्य शिक्षकों को प्रयास करने के लिए कहा गया। इसके बावजूद कोई प्रगति नजर नहीं आ रही है। बीएसए आकांक्षा रावत ने आदेश जारी कर दिया है कि अगर किसी विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम रहती है तो उस विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का वेतन रोक दिया जाएगा। यह नवंबर 2023 से लागू होगा और उनको नवंबर का वेतन भी जारी नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन डाटा भी अपडेट नहीं
बीएसए आकांक्षा रावत ने जारी पत्र में यह भी कहा कि संविलियन विद्यालयों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक-शिक्षिकाओं में सामंजस्य तक नहीं है। उनमें सामंजस्य नहीं होने के कारण लखनऊ से विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर दो बार आने वाली कॉल पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक की गलत जानकारी दी जा रही है। जिससे ऑनलाइन डाटा अपडेट भी सही नहीं हो रहा है और उससे सीएम डैश बोर्ड पर विभाग की रैंकिंग गिर रही है। ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं का वेतन भी रोक दिया जाएगा।