आरोप है कि पुलिस दीवार कूदकर अंदर घुस गई। अचानक पुलिस कर्मियों को घर में देख आरोपी युवक की मां एवं दो बहनों ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इससे तीनों की हालत बिगड़ गई। वहीं पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया।
उन्होंने इसकी सूचना आला अफसरों को देकर मां और दोनों बेटियों को छपरौली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस कर्मियों ने तीनों को मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया, जहां तीनों की मौत हो गई।
पुलिस का दावा, युवक घर में ही था
सीओ युवराज सिंह ने बताया कि बाछौड़ गांव का प्रिंस तीन मई को क्षेत्र की ही एक युवती को लेकर चला गया था। लड़की के परिजनों ने इसकी शिकायत छपरौली थाने में दर्ज कराई थी। युवक के घर पर आने की सूचना पर छपरौली पुलिस ने युवक के घर पर दबिश दी तो आरोपी चकमा देकर फरार हो गया, जबकि उसकी मां व दो बहनों ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। तीनों को मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां तीनों की मौत हो गई।
साथ नहीं थी महिला पुलिस कर्मी
आरोपी युवक के परिजनों के मुताबिक पुलिस तीन-चार गाड़ियाें में अंधेरे में गांव पहुंची थी। आरोपी युवक के घर में दीवार फांद कर घुस गई। उनके साथ कोई महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। पुलिस कर्मियों ने युवक की मां और बेटियों से अभद्रता की। इसी से आहत होकर उन्होंने विषाक्त पदार्थ खाया।
परिजनों ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में सीओ का कहना है कि आला अफसरों को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।