बागपत के छपरौली के मुकुंदपुर गांव में वोट न देने पर सराफ के मकान पर पथराव और कालिख पोतने का मामला लखनऊ तक गूंज गया। अफसर काफी टेंशन में है। पुलिस और प्रशासन अधिकारी सोमवार को पीड़ित परिवार से मिले। उनसे आरोपियों की जानकारी की। पुलिस ने कहा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
विधान सभा चुनाव का मतदान होने के बाद शनिवार की रात में मुकुंदपुर गांव के सराफ लविश वर्मा के मकान पर पथराव किया गया था। परिजनों ने कमरे में घुसकर अपनी जान बचाई थी। आरोपियों ने उनके मकान पर कालिख पोत दी थी। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से कहा था कि उनको अपनी जान का खतरा है। ऐसी स्थिति में वे गांव से पलायन कर देंगे। उनकी तहरीर पर छपरौली थाने में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया है।
सूत्रों की माने तो जनपद अफसरों से उच्चाधिकारी पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। सोमवार को बड़ौत एसडीएम दीपाली कौशिक और सीओ कर्मवीर सिंह ने गांव में पहुंचकर पीड़ितों से जानकारी की। खुराफातियों का पता लगाने का प्रयास किया। साथ ही गांव के लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने गांव में शांति बनाए रखने का आग्रह किया। छपरौली थानाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ ने कहा खुराफातियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही उनका पता लगाकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रासुका की भी हो सकती है कार्रवाई
बागपत। इस तरह की खुराफात करके माहौल बिगाड़ने वालों पर रासुका की भी कार्रवाई हो सकती है। अफसरों ने कहा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
भाजपा नेता पीड़ित परिवार से मिले
बागपत। इस संबंध में भाजपा के मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र वशिष्ठ के साथ पार्टी कार्यकर्ता रोहित, आशीष, अनुज कुमार आदि मौके पर गए और उन्होंने पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी की। वशिष्ठ ने कहा उनके पास लखनऊ के क्षेत्रीय कार्यालय से संदेश आया है कि मौके पर जाकर इस मामले की तत्काल रिपोर्ट भेजी जाए। इस घटना को गंभीर मानकर जिला प्रशासन के साथ साथ चुनाव आयोग ने भी रिपोर्ट तलब की है।
चुनाव के बाद कई गांवों में टकराव के आसार
बागपत। विधानसभा चुनाव जनपद में होने के बाद खुराफाती सक्रिय हो गए है। कई गांवों में विवाद सामने आ चुका है। इससे कई गांवों में टकराव की स्थिति बनी हुई है। इन पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। जनपद में 11 फरवरी को मतदान हुआ। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने ताकत लगा दी। भारी संख्या में पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल तैनात किया। इसके बाद भी खूब विवाद हुआ। कई स्थानों पर प्रत्याशी और समर्थक आमने-सामने आए। इतना ही नहीं हरिया खेड़ा गांव में तो पुलिस और प्रत्याशी समर्थक में हाथापाई तक हो गई थी। ढ़िकाना गांवों में वोटरों को मतदान केंद्र पर जाने से रोक लिया था। पुलिस अफसरों ने वहां पर पहुंचकर सुरक्षा का भरोसा दिया था। इसके बाद वोटर बूथ पर गए थे।
चुनाव होने के बाद भी खुराफाती अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। अभी भी वोटरों को डरा-धमका रहे हैं। छपरौली क्षेत्र के मुकंदपुर गांव में दर्जनों लोगों ने एक मकान पर पहुंचकर पथराव कर दिया। इतना ही नहीं मकान पर कालिख तक पोत दी। बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में वोट की जानकारी न देने पर महिला के साथ अश्लील हरकतें कीं। इतना ही नहीं उसको अर्द्ध निर्वस्त्र कर दिया। धमकी दी पुलिस से शिकायत की तो जान से मार देंगे। इसके अलावा भी कई गांवों में वोटरों को धमकी मिल रही है, जो डर की वजह से मुंह नहीं खोल पा रहे हैं। इसे लेकर कई गांवों में टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति में घटनाओं को रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। एसपी अजय शंकर राय ने कहा जनपद में चुनाव शांतिपूर्ण हुआ है। यदि अब कोई वोटरों को परेशान करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।