सीएचसी पर प्रसव कराने के लिए आने वाली महिलाओं से जमकर अवैध वसूली की जा रही है, लेकिन शिकायत करने के बाद भी विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बने हैं। इसको लेकर रविवार को सीएचसी में पहुंची आशा कार्यकत्रियों ने प्रदर्शन किया। अधिकारियों के न पहुंचने पर बैठक कर आक्रोश जताकर मामले की जांच कर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा सीएचसी पर डिलीवरी कराने आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है, लेकिन शिकायत करने के बाद भी इस पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला बामनौली गांव का आया।
शनिवार को क्षेत्र के एक गांव की आशा बामनौली गांव की मिथलेश को डिलीवरी कराने के लिए सीएचसी में लाई। डिलीवरी तो सकुशल हो गई, लेकिन इस दौरान वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने उसने हजारों रुपये ऐंठ लिए।
आरोप है कि विरोध करने पर डिलीवरी करने वाली कर्मचारी ने उन्हें बिना बच्चे वहां से जाने के लिए कहा। इसकी सूचना जब आशा कार्यकत्रियों को लगी तो काफी संख्या में आशा कार्यकत्री सीएचसी में पहुंची और इसका विरोध कर प्रदर्शन किया।
आशा के सूचना देने के बाद भी विभागीय अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर आशा कार्यकत्रियों ने वही बैठक की और निर्णय लिया जल्द ही इस अवैध वसूली पर अंकुश नहीं लगा तो सभी कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेगी। इनमें सुनीता, अनीता, राजेश, संगीता, अमरेश, मुनेश कुमारी, बिमला, मुकेश देवी, राज कुमारी आदि रही।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने कहा अवैध वसूली बर्दास्त नहीं होगी। पहले भी अवैध वसूली के मामले में एक कर्मचारी का यहां से स्थानांतरण किया जा चुका है। इस मामले की जांच कर जल्द से जल्द कार्रवाई होगी।