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Baghpat News: माननीय हुए नाराज...गूंजा विभागों का भ्रष्टाचार

Sun, 01 Jun 2025 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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बागपत कलक्ट्रेट के सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में अ​धिकारियों से वि
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बागपत। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में शनिवार को माननीयों ने कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताई। पेयजल परियोजनाओं में घटिया पाइप प्रयुक्त करने व गांवों में सीसी रोड तोड़कर छोड़ने, डूडा और सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार की बात कहते हुए अफसरों की खिंचाई की गई। आंधी के दस दिन बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं होने, रजबहों की सफाई नहीं होने व गन्ना बकाया भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा भी छाया रहा।
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सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में दिशा की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की गई। सांसद ने जल जीवन मिशन से गांवों में पेयजल परियोजनाओं के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांवों में पाइपलाइन बिछाने के लिए गांवों में सीसी रोड तोड़कर छोड़ दी गई।
जिले में कोई भी एक गांव ऐसा बता दिया जाए, जहां तोड़ी गई सीसी रोड की मरम्मत कराकर उनको ठीक किया गया हो। घटिया पाइप डाले जा रहे हैं। बैठक में जब सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शासन से मिला 94 लाख रुपये का बजट खर्च करने की जानकारी मांगी गई तो वह नहीं बता सके कि बजट कहां खर्च हुआ।
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महाभारत काल के इतिहास को संजोए रखने के लिए करीब पांच साल पहले लाक्षागृह बरनावा के विकास के लिए सरकार से मिला करोड़ों रुपये का बजट लौटा दिया गया है। इसपर भी जनप्रनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
दिशा के सदस्यों ने डूडा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर कहा कि पीएम आवास योजना में अपात्रों को मकान दे गए। कांशीराम कालोनी में गरीबों के लिए बने मकानों को रुपये लेकर अपात्रों को दे दिए गए। वहां कुछ आवंटियों द्वारा किराए पर भी मकान दिए गए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन तथा अटल भूजल योजना के कार्यों पर असंतोष जताया। पेंशन के लिए बेसहारा विधवाओं, वृद्धों तथा दिव्यांगों के भटकते रहने और पारिवारिक लाभ योजना की स्थिति भी खराब होने पर अफसरों की खिंचाई की गई।
सड़कों के निर्माण व तालाबों की खोदाई की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। खेकड़ा में स्टेडियम के रास्ते की समस्या, सभी पात्र व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड नहीं बनने, किशनपुर बराल में पेयजल परियोजना की विफलता पर नाराजगी जताई। हिदायत दी कि कृषि गोष्ठियों में बार-बार उन किसानों को न बुलाया जाए जो पहले भाग ले चुके हैं।
महिला स्वावलंबन के कार्य की धीमी गति का मुद्दा भी उठाया गया। बिजली की लाइनें शिफ्ट नहीं होने पर ग्राम चांदनहेड़ी में कॉलेज, खेकड़ा में रेलवे अंडरपास और बड़ौत में पुल का निर्माण अटकने पर नाराजगी जताई। भाजपा के विधायक योगेश धामा, डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय, एडीएम पंकज वर्मा, सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा मौजूद रहे।

टूटने लगा नेशनल हाईवे
छपरौली से रालोद विधायक डाॅ. अजय कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को हिदायत दी कि उन्होंने पूर्वी यमुना नहर की पुनर्स्थापना के लिए शासन से 52 करोड़ रुपये मंजूर कराए। इसलिए जमीन पर काम होना चाहिए। इसकी मरम्मत से सहारनपुर, शामली, बागपत और गाजियाबाद के लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा होगी। नहर में पानी नहीं आने की समस्या भी उठाई। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे सिसाना, काठा, बावली आदि गांवों में सड़क पर जलभराव के कारण टूटने लगा है तो अन्य जगह भी गड्ढे हो गए हैं। इसकी मरम्मत कराने के लिए कहा गया। गन्ना भुगतान नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। 21 मई को आंधी से क्षतिग्रस्त खंभों तथा लाइनों की मरम्मत कराकर बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं होने पर सख्त नाराजगी जताई।
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सांसद ने फेंकी बुकलेट, बोले बैठक से पहले मिलनी चाहिए
सीडीओ ने बैठक शुरू होते ही सांसद को बुकलेट दी तो सांसद ने उसे लेकर गुस्से में मेज पर पटकते हुए कहा कि अब क्या करें इस बुकलेट का...यह बैठक से पहले मेरे पास पहुंचनी चाहिए थी। जब विकास योजनाओं की बुकलेट ऐन वक्त पर दोगे तो फिर सदस्य समीक्षा के लिए क्या तैयारी करके आएंगे।

नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता
सभागार से अधिकारियों तथा सदस्यों के अलावा अतिरिक्त कुर्सी हटवा दी गई थी। जैसे ही रालोद व भाजपा के कई नेताओं समेत अनेक कार्यकर्ता सभागार में बैठक में पहुंचे, वैसे ही पुलिस कर्मियों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसे लेकर पुलिस से नोकझोंक हुई। हालांकि वहां एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज के प्रतिनिधि को भी अंदर नहीं जाने दिया गया और कई जनप्रतिनिधि के पति आराम से बैठक में बैठे रहे।
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जमीन का ब्योरा तलब
सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने अगली दिशा की बैठक में जिले में ग्राम पंचायत की जमीन का पूरा ब्योरा पेश करने के लिए निर्देश दिया। क्योंकि प्रशासन विकास कार्यों के लिए जमीन नहीं होने की बात कहकर टाल देता है। अब पूरा ब्योरा लेने के बाद विकास कार्यों की योजना बनाई जाएगी।
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