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Baghpat News: खेतों में घुसा हिंडन का पानी, 250 बीघा फसल जलमग्न

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हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जलमग्न हुई फसल दिखाते सरफाबाद गांव के किसान। संवाद
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- सरफाबाद गांव में गेहूं, आलू, गन्ना व सरसों की फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंची, मुआवजा की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी

रटौल। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सरफाबाद गांव के खेतों में पानी घुस गया है। इससे 250 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। किसानों ने डीएम से शिकायत कर मुआवजा दिलाने की मांग की।

सरफाबाद गांव से हिंडन नदी निकल रही है और जलस्तर बढ़ने से गेहूं, सरसों, गन्ना, आलू की फसल में पानी भर गया। भोपाल सिंह की आठ बीघा गन्ने की फसल, राकेश प्रधान की सात बीघा सरसों, अंग्रेज की चार बीघा गेहूं, अशोक की चार बीघा गेहूं, अनिल भाटी की 20 बीघा गेहूं, आलू, सुरेश की 10 बीघा गेहूं, सरसों की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा मुन्ना की आठ बीघा गेहूं, जयवीर की आठ बीघा गेहूं, अशोक की पांच बीघा गेहूं, अरुण की पांच बीघा गेहूं, नरेंद्र की तीन बीघा गेहूं, राकेश की 10 बीघा आलू की फसल नष्ट हो गई। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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- हर साल हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण किसानों की फसल नष्ट हो जाती है। आज तक भी किसानों को नष्ट फसल का मुआवजा तक नहीं दिया गया है। इससे किसान परेशान है। - अनिल भाटी, भागौट
- किसान दिन रात मेहनत करके फसल की बुवाई करते हैं और हिंडन नदी उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इससे किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं और प्रशासन भी उनकी समस्या का समाधान नहीं करा रहा। - नीरज, सरफाबाद
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- किसानों की 250 बीघा फसल पानी भरने से जलमग्न हो गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन को सर्वे कराकर मुआवजा दिलाना चाहिए। - रामकिशन, सरफाबाद

वर्जन
- हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी नहीं है। टीम को गांव में भेजकर जलमग्न फसल का सर्वे कराया जाएगा। - रजनीश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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