बागपत। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को नहरों का पुनरुद्धार कराने के लिए बैठक हुई। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि 12 गांवों से गुजर रही नहरों में हिंडन नदी का पानी छोड़ा जाए ताकि लोगों को पानी मिल सके। उन्होंने रमाला मिल के अधिकारियों को नहरों में दूषित पानी छोड़ने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि जिले के 12 गांव असारा, गोपालपुर खड़ाना, इब्राहिमपुर माजरा, गांगनौली, अशरफाबाद थल, नांगल, कंडेरा, बामनौली, रंछाड़, रहतना, बरनावा और फखरपुर शेखपुर से नहरें गुजर रही हैं। यहां वर्षों से पानी नहीं आ रहा है और यह उपेक्षा का शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि नहरों का पुनरुद्धार किया जाएगा और इनमें हिंडन नदी का पानी छोड़ा जाएगा ताकि जल संरक्षण किया जा सके और इससे जलस्तर को ऊपर उठाया जा सके। डीएम ने वन विभाग को नदियों के दोनों तरफ पौधरोपण करने के निर्देश दिए ताकि वहां हरियाली लाई जा सके और पर्यावरण का संरक्षण हो सके।
डीपीआरओ को नहरों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए। रमाला चीनी मिल की ओर से नदी व नहरों में छोड़े जाने वाले दूषित पानी पर नाराजगी जताई गई। कहा कि इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की नियमित जांच की जाए और नहरों में दूषित पानी न छोड़ा जाए। साथ ही कहा कि कोई भी उद्यमी नदियों व नहरों में दूषित पानी न छोड़े और यदि पानी छोड़ता है तो उस पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जाए। इस दौरान सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, एडीएम पंकज वर्मा व अधिशासी अभियंता सिंचाई रजनीश कुमार आदि मौजूद रहे।