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Baghpat News: हिंडन नदी का फिर बढ़ा जलस्तर, किसानों की डूबी फसल

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- सरफाबाद गांव के किसानों की चार सौ बीघा फसल डूबने से किसानों की बढ़ी चिंता, मुआवजा दिलवाने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
रटौल। हिंडन नदी का एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया है, जिससे किसानों की फसल डूबनी शुरू हो गई है। सरफाबाद गांव के खेतों में पानी घुसने से चार सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने अधिकारियों से शिकायत कर फसल का मुआवजा दिलवाने की मांग की।
गांव के विद्याराम, जाकिर, आबिद, अनिल भाटी, चरण सिंह आदि किसानों ने बताया कि पिछले दो महीने से हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों की धान, गन्ना, ज्वार, बाजरा, लौकी, खीरा मूली आदि की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया कि राकेश की 45 बीघा धान, गन्ना, भोपाल की 25 बीघा धान, गन्ना, विद्याराम की 50 बीघा धान, गन्ना, सुरेंद्र की 10 बीघा धान, सुरेश की 20 बीघा धान, अमित की 65 बीघा धान, गन्ना, अभिषेक की 10 बीघा धान, जगत की पांच बीघा धान, मुन्ना अली 10 बीघा धान की फसल जलमग्न हुई।
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इनके अलावा चरण सिंह की चार बीघा धान, अनिल भाटी की 20 बीघा धान, मुन्ना की छह बीघा धान, हनीफ की छह बीघा लौकी, काले की पांच बीघा ज्वार, नौशाद की तीन बीघा ज्वार, जाकिर की 10 बीघा मूली आदि फसल जलमग्न होने से किसानों पर कर्ज हो गया है। उन्होंने अधिकारियों से सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि जल्द ही टीम को भेजकर सर्वे करवाया जाएगा।
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- 10 बीघा जमीन ठेके पर लेकर मूली की बुवाई की थी। हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर से फसल बर्बाद हो गई है। इससे परिवार पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। - मुन्ना
- हिंडन नदी के पानी से धान, गन्ना व ज्वार की फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - सुरेंद्र
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