बड़ौत (बागपत)। कोरोना संक्रमण के समय में बड़ौत ब्लाक के सक्रिय समूहों की महिलाओं ने सखी चैन के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना जागरूकता की मुहिम छेड़ी है। अपने आसपास उपलब्ध संसाधन और तकनीक का इस्तेमाल करके ये ग्रामीण महिलाएं कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार बड़ौत ब्लाक में 900 समूह सक्रिय हैं। एक समूह में कम से कम दस महिलाएं सदस्य शामिल हैं। सक्रिय 900 समूहों में महिलाओं की संख्या कम से कम 9100 है। जबकि 90 से अधिक समूह सखी हैं। इन ग्रामीण महिलाओं ने एक सखी चेन बनायी है।
खास बात यह है कि इसके माध्यम से इनकी पहुंच उन देहात व ग्रामीण इलाकों तक है जहां लोगों को समझाना मुश्किल हो रहा है। चेन के माध्यम से एक दिन में एक महिला 15-20 परिवारों का रोजाना हालचाल ले रही है। हालचाल के साथ-साथ ये सखी चेन की महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की महिला व लोगों तक अपनी बात पहुंचा रही हैं। इतना ही नहीं ये महिलाएं बाहर से आने वाले लोगों को 14 दिन सोशल आइसोलेशन की भी सलाह दे रही हैं। साथ ही कोरोना के लक्षण दिखने या आशंका पर उन्हें निजी स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी पहुंचाने का काम कर रही हैं।
सखी चैन की प्रमुख सदस्य पूजा महावतपुर बावली बताती है कि मोबाइल सभी के पास हैं। इसलिए हमने मोबाइल को कोरोना से लड़ने का साधन बनाया। इसी गांव की राजेन्द्री, खुशबु व ममता का कहना है कि नगरीय क्षेत्र में लोग कोरोना को लेकर काफी सजग हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों की महिलाएं व पुरुष इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसलिए हमने हैलो सखी चेन के माध्यम से महिलाओं व उनके घर वालों को कोरोना के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया। इस संबंध मेें जब बीडीओ राहुल वर्मा व एडीओ आईएसबी संजय कुमार से बातचीत की गयी तो उनका कहना था कि महिलाओं की यह बहुत सराहनीय पहल है। बताया कि ये महिलाएं अपने क्षेत्र के बारे में बेहतर जानती हैं।