-सुल्तानपुर हटाना गांव में राहुल के परिवार के चार बच्चों की खाना खाने व दूध पीने के बाद बिगड़ी थी हालत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सुल्तानपुर हटाना गांव में खाना खाने और दूध पीने के बाद बीमार हुए चार भाई-बहनों में तीन वर्षीय गौरी और डेढ़ वर्षीय प्रियांशी की हालत दोबारा से बिगड़ गई। इनका मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था, जबकि एक बच्ची दीपांशी (2) की मौत हो चुकी है।
सुल्तानपुर हटाना गांव निवासी राहुल ने बताया कि चार सितंबर को शाम के समय उसकी पत्नी अंकिता घर के पास ही दुकान से चार पैकेट दूध के लेकर आ गई। रात में करीब नौ बजे अंकिता ने गौरी, प्रियांशी, राधे और दीपांशु को खाने में रोटी-सब्जी खिलाई और बाद में दूध पिला दिया। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे उसके बेटे राधे, गौरी, प्रियांशी व दीपांशी की हालत बिगड़ गई। इन चारों को बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उसकी बेटी दीपांशी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। गौरी और प्रियांशी को मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया था।
राहुल ने बताया कि गौरी व प्रियांशी की हालत सामान्य बनी थी, मगर उनकी हालत रविवार को फिर से बिगड़ गई है। उसने दुकानदार जुगमेंद्र की गिरफ्तारी की मांग की। सीओ विजय कुमार ने बताया कि राहुल की तहरीर पर जुगमेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसमें पुलिस के साथ ही खाद्य विभाग की टीम जांच कर रही है।