बागपत। जिला अस्पताल में डायलिसिस की एक मशीन पांच दिन से खराब है। उस मशीन को अभी तक ठीक नहीं कराया जा रहा है और मरीजों को डायलसिस के लिए तीन दिन बाद की तारीख दी जा रही है। ऐसे में मरीजों की जिंदगी तीन दिन तक भगवान भरोसे रहती है।
जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर वर्ष 2022 में शुरू किया गया। यहां छह मशीनें लगाई गईं। इसमें दो मशीनें पॉजीटिव वाली हैं और इनमें केवल हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की डायलिसिस की जाती है, जबकि चार मशीनें नेगेटिव हैं और इनमें अन्य सभी तरह के मरीजों की डायलिसिस की जाती है। डायलिसिस सेंटर शुरू होने पर यहां केवल बागपत ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के मरीज भी आने लगे हैं।
यहां रोजाना 10 से 12 मरीजों की डायलिसिस होती है, मगर पांच दिन से पॉजीटिव वाली एक मशीन खराब हो गई और इस तरह पॉजीटिव की केवल एक मशीन बची है। इस मशीन से डायलसिस कराने के लिए रोजाना सात से आठ मरीज आते हैं, जबकि एक मशीन से केवल तीन से चार मरीजों की डायलिसिस होती है। अन्य को तीन दिन बाद डायलिसिस कराने का समय दिया जा रहा है।