बागपत के छपरौली क्षेत्र के बदरखा गांव में हरियाणा पुलिस ने दबिश दी। इसका विरोध किया। हरियाणा पुलिस खादर मामले में समालखा थाने में दर्ज बदरखा के ग्रामीणों को पकड़ने के लिए आई थी। इस बारे में गांव में पंचायत कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
घटना मंगलवार दोपहर की है जो हरियाणा के समालखा थाने से इंस्पेक्टर पूरी टीम के साथ क्षेत्र के बदरखा गांव में दबिश देने पहुंचे और कई स्थानों पर जाकर नामजदों की तलाश की। उन्होंने ग्रामीणों को बताया समालखा थाने में बदरखा के 15 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, इसकी तफ्तीश में ही वे यहां आए हैं। पुलिस टीम के समक्ष ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया और कहा उनकी फसल बर्बाद की।
उन्होंने बताया 27 जनवरी को खेत में कार्य कर रहे बदरखा के ओमदेव पहलवान का हरियाणा के राकसेड़ा के किसानों ने अपहरण कर लिया था और उसे यमुना के उस पर ले गए। उसके साथ मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया। अब उनके ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज क्यों की, जो पूर्णतया फर्जी है ताकि बदरखा के किसानों पर दबाव बनाया जा सके। इस पर इंस्पेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया और लौट गए। सूचना देने के बाद छपरौली पुलिस मौके पर भी नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने कहा गांव हीं नहीं, पूरा क्षेत्र उनके साथ है। इस बारे में गांव में एक पंचायत करआगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस बारे में एसएसआई चितवन ने बताया हरियाणा पुलिस की टीम समालखा थाने में दर्ज रिपोर्ट में कार्रवाई कर दबिश देने बदरखा आई थी। छपरौली पुलिस ने भी थाने में दर्ज मुकदमे के बाद हरियाणा के राकेसेड़ा गांव में दबिश दी थी, आरोपी घर में नहीं मिले, फिर दबिश दी जाएगी। इस विवाद को लेकर बागपत जिले के अधिकारी हरियाणा के सोनीपत जिले के अधिकारियों के संपर्क में हैं।