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जमीन की जंग : हरियाणा वालों का यूपी के किसानों पर हमला, कई घायल

Thu, 06 May 2021 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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baghpat farmer clash - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के बागपत में सीमा विवाद को लेकर टांडा खादर में बुधवार को यूपी के दर्जनभर किसानों पर हरियाणा से आए 40-50 किसानों ने लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद भी हरियाणा के किसान यूपी पुलिस की मौजूदगी में ट्रैक्टर से मिर्च की फसल नष्ट कर गए। गंभीर घायल दो किसानों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। किसानों को फसल नष्ट होने से लाखों का नुकसान हुआ है।
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किसान शादाब ने बताया कि बुधवार को वह और कई किसानों के साथ टांडा के खादर में अपनी मिर्च की फसल की निराई कर रहे थे। इसी दौरान हरियाणा के पानीपत जिले के खोजकीपुर गांव की ओर से करीब 40-50 किसान आए और उन्होंने लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिसमें वह घायल हो गए। सूचना पाकर पर टांडा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के सामने ही हरियाणा के किसानों ने यूपी के किसानों की मिर्च की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया।

यूपी पुलिस ने उन्हें रोकने का भी प्रयास नहीं किया। किसानों का लाखों का नुकसान हो गया। हमले में घायल माजिद, नोमान, वाजिदा, प्रवेश, शादाब त्यागी और शादत को छपरौली सीएचसी में भर्ती कराया गया। जबकि दो गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। टांडा चौकी प्रभारी सहंसरपाल मलिक ने सीएचसी पहुंचकर घायलों से पूछताछ करके हरियाणा के खोजकीपुर के हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
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45 साल से चला आ रहा है सीमा को लेकर विवाद
- यमुना के खादर में हरियाणा और यूपी के किसानों का विवाद करीब 45 साल से चला रहा है। वर्ष 1979 में गठित दीक्षित अवार्ड के बाद भी इस विवाद का कोई हल नहीं निकला है। करीब 4500 हेक्टेयर भूमि को लेकर दोनों राज्यों के किसानों के बीच विवाद चला आ रहा है। दोनो राज्यों के अधिकारियों की कई बार बैठक हो चुकी है।

यूपी के निवाड़ा, नंगला बहलोलपुर, ककौर, कोताना, लुहारी, खेड़ा इस्लामपुर, टांडा समेत 27 गांव और हरियाणा के खोजकीपुर, खुर्रमपुर, जाजल के करीब 22 गांवों के किसानों के बीच वर्षों से यह विवाद चला आ रहा है। बागपत जिले से हरियाणा के सोनीपत और पानीपत के यमुना खादर की करीब 50 किमी सीमा सटी हुई है। यमुना के पानी के कटाव के कारण करीब 4500 हेक्टेयर भूमि का विवाद है।

बागपत के किसानों की करीब 2850 हेक्टेयर और हरियाणा के किसानों की करीब 1750 हेक्टेयर भूमि है। दोनों राज्यों के किसान समय-समय पर इस भूमि पर मालिकाना हक जताते हुए आपस में भिड़ते हैं। 20 नवंबर 1997 को दोनों राज्यों के किसानों के बीच फायरिंग में कुर्डी गांव के विशंभर की मौत हो गई थी।
 
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20 अक्तूबर 1998 को हरियाणा के किसानों ने नंगला बहलोलपुर गांव में फायरिंग की थी। करीब 80 घरों को आग के हवाले कर दिया था। 19 नवंबर 2008 को हरियाणा के मनौली गांव के किसानों ने काठा गांव के किसानों की 150 बीघा फसल नष्ट कर दी थी। 2008 में हरियाणा के किसानों ने सिसाना गांव के किसानों पर फायरिंग की थी। इसके अलावा भी छिटपुट हिंसक झड़प दोनों राज्यों के किसानों के बीच होती रहती हैं। इसके बाद भी इसका समाधान नहीं किया जा रहा है।

20 दिन पूर्व हुई थी किसान अनिल की हत्या
सीमा विवाद को लेकर 16 अप्रैल को नंगला बहलोलपुर निवासी किसान अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नंगला बहलोलपुर के किसानों ने हरियाणा के सोनीपत की सीमा में 15 अप्रैल को वहां की पुलिस की मौजूगदी में फसल काटी थी। 16 अप्रैल को हरियाणा की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

सोनीपत के जिला पार्षद नंदकिशोर गुर्जर ने अपने साथियों के साथ पहुंच गया था। उसने यूपी के किसानों पर फायरिंग कर दी थी। जिसमें अनिल की गोली लगने से मौत हो गई थी। आरोपी नंदकिशोर गुर्जर और उसके चचेरे भाई को सोनीपत के कुंडली थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब कई आरोपी इस मामले में अभी भी फरार हैं।
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