बागपत/छपरौली। सीमा विवाद को लेकर बुधवार को हरियाणा के खोजकीपुर के किसानों ने यूपी के टांडा खादर के किसानों पर हमला कर दिया था। उन्हें घेरकर लाठी और धारदार हथियारों से वार किए थे। जिसमें महिलाओं समेत करीब 9-10 लोग घायल हो गए थे। आरोपियों ने पुलिस की मौजूदगी में टांडा के किसानों की मिर्च की फसल ट्रैक्टर-ट्रिलर से जोत दी थी।
इस मामले में पुलिस ने पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमा तो दर्ज कर लिया परंतु आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। जिससे पीड़ित किसानों के साथ-साथ अन्य किसानों में भी दहशत है। इसके चलते बृहस्पतिवार को टांडा गांव के ज्यादातर किसान खेतों की ओर नहीं गए। पीड़ित पक्ष ने आरापियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। आरोप है कि यदि हरियाणा के किसान उन पर हमला करते हैं और फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। यहां की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ठोस कार्रवाई नहीं करते है। जिससे हरियाणा के किसानों के हौसले बुलंद हैं।
दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक 10 को
टांडा खादर क्षेत्र में हरियाणा और यूपी के किसानों के बीच सीमा विवाद को लेकर 10 मई को दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें हरियाणा के खोजकीपुर और यूपी के टांडा के किसान भी अपना पक्ष रख सकेंगे। बैठक स्थल के बारे में अभी निर्णय नहीं किया गया है। यह बैठक टांडा या पुलिस स्टेशन छपरौली पर हो सकती है। बृहस्पतिवार दोपहर में हरियाणा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छपरौली थाना पहुंचे। इस मौके पर एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्र, सीओ बड़ौत आलोक सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान तय किया कि दस मई दिन सोमवार को दोनों राज्यों की प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होगी। जिसमें दोनों राज्यों के बीच जमीन के विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। एसओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि विवाद के समाधान के लिए दस मई को दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक होगी।