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हरीश ने गर्दन दबाई, पंकज ने गला काटा 

Tue, 25 Oct 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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जांच - फोटो : demopic
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बागपत। गांगनौली गांव के खूनी कांड को पंकज और हरीश ने ही मिल कर अंजाम दिया था। एचसीपी राकेश शर्मा की हरीश ने बिजली के तार से गर्दन दबाई और पंकज ने सर्जिकल ब्लेड से गर्दन काटी। अन्य चार लोगों की पंकज ने एसएलआर से एक-एक गोली मारकर हत्या की।
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दोनों आरोपी पंकज मान और हरीश  10 अक्तूबर को दोपहर साढ़े 12 बजे सविता के घर पहुंचे । उन्होंने घर पहुंचने से पहले ही गांगनौली गांव से कोल्ड ड्रिक खरीदी । एलप्रेक्स की 130 गोलियों का पहले ही पाउडर बना रखा था। उसे दो खाली माचिस में भर रखा था। उनके पास दस गोली अलग से थी। घर में मौका मिलते ही पाउडर को कोल्ड ड्रिक में मिला दिया था। इसके बाद कोल्ड ड्रिक सविता और पुलिस वालों को पिलाई। थोड़ी देर बाद ही सविता को उल्टी लग गई थी। इससे वह बेहोश नहीं हुई। जबकि सिपाही बेहोश हो गए थे। इसके बाद एचसीपी राकेश शर्मा की हरीश ने बिजली की वायर से गर्दन दबाई और पंकज ने उसकी गर्दन पर सर्जिकल ब्लेड से वार कर दिया। इसी तरह विजय कुमार की गर्दन दबाई, उसकी चीख सुनकर वहां सविता की बेटी प्रीति और अमन पहुंच गए। उसने कहा भाई ये क्या कर रहे हो। पंकज मान ने प्रताप की एसएलआर उठाकर पहले सिपाही विजय को गोली मारी। उसके बाद प्रीति को। इसी तरह घर से जाते  सविता और मांगेराम की गोली मारकर हत्या कर दी। 

सविता के बेटे पंकज की हत्या का भी था इरादा 
बागपत। एसपी पूनम ने बताया  पंकज मान और हरीश का सविता के पूरे परिवार को खत्म करने का इरादा था। पंकज घर में नहीं था। उसका भी आरोपियों ने इंतजार किया। सविता से फोन भी करने का प्रयास किया, लेकिन पंकज उस दिन अपना मोबाइल साथ लेकर नहीं गया था। आरोपियों ने उसका पौने तीन घंटे इंतजार भी किया। वह वहां नहीं पहुंचा। यदि उस समय पंकज वहां पर पहुंच जाता तो आरोपी उसकी भी हत्या कर देते। 
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वारदात से पहले नहाया था हरीश
बागपत। वारदात से पहले दोनों परिवार से घुल मिल रहे थे। हरीश ने यहां स्नान किया। सविता से काफी देर तक बातचीत भी की थी। पंकज मान को सविता बेटे की तरह मानती थी।

प्रवीण और उसके साथियों को क्लीन चिट 
बागपत। गांगनौली में दो सिपाही समेत पांच सदस्यों की हत्या के मामले में नामजद मोस्ट वांटेड रहे प्रमोद गांगनौली के भाई प्रवीण और उसके तीन साथियों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। मृतक सविता के बेटे पंकज राठी ने गांगनौली गांव के प्रवीण (प्रमोद के भाई), अंकित पुत्र राजवीर, अंकित पुत्र मनोज और सिरसली गांव के सतेंद्र के खिलाफ नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मेरठ आईजी अजय आनंद ने बताया सहदेव धनौरा ने सविता के बेटे पंकज राठी को भ्रमित किया। उसके कहने पर ही पंकज ने प्रवीण और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, क्योंकि प्रवीण के परिवार से सविता के परिवार की पहले से ही रंजिश चल रही है। पंकज को भी सहदेव की बात पर यकीन हो गया था। केस की उन्होंने बताया विवेचना करने पर प्रवीण और उसके साथियों की घटना में संलिप्तता नहीं पाई गई है। इसलिए उनको इस केस में क्लीन चिट दे दी गई है। 

पहले हत्या कराई, फिर कराया संस्कार 
बागपत। गांगनौली गांव के खूनी खेल की साजिश रचने का आरोपी सहदेव धनौरा ने एक तीर से कई निशाने साधे। यहां तक की सविता और उसकी बेटे प्रीति की शव यात्रा में भी शामिल रहा। उसके खिलाफ सविता को खड़ी होते देखकर उसके पूरे परिवार को खत्म कराने की ठानी। इसका इल्जाम प्रवीण राठी पर लगाने की कोशिश का प्लान तैयार किया। इसी तरह वारदात का अंजाम भी दिलाया। किसी को उस पर कोई शक न हो, इसलिए वारदात के थोड़ी देर बाद ही गांगनौली पहुंच गया। यहां तक की सविता और उसकी बेटी प्रीती की शव यात्रा में भी शामिल रहा। पुलिस ने उससे जानकारी की तो उसने पुलिस को कुछ नहीं बताया, लेकिन सोनीपत के पंकज मान और हरीश के पकड़े जाने के बाद सहदेव बेनकाब हो गया। पुलिस ने उसके घर में दबिश दी तो वहां से लूटी सविता की लाइसेंसी रायफल बरामद हो गई। हालांकि सहदेव ने मीडिया कर्मियों से कहा उसका इस वारदात से कोई संबंध नहीं है। पुलिस उसे केस में साजिश के तहत फंसा रही है। 
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