संवाद न्यूज एजेंसी दोघट (बागपत)। हरिद्वार में भगवानपुर थाना के टकावरी स्थित रविदास आश्रम से साधु बृजेशदास (50) को गांगनौली लाकर कुल्हाड़ी से काटकर कृष्णा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने संजीव, उसकी पत्नी शशी और भाई जोगेंद्र निवासी गांगनौली को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पत्नी से साधु के संबंध हत्या की वजह बने।
पुलिस के मुताबिक रविदास आश्रम में रहने वाले चंद्रप्रकाश ने दस फरवरी को हरिद्वार जिले के थाना भगवानपुर में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए बताया कि उनके गुरु साधु बृजेशदास पांच फरवरी को बिना बताए आश्रम से कहीं चले गए। इसके बाद से फोन भी बंद हो गया। भगवानपुर थाना पुलिस को साधु बृजेशदास के मोबाइल की आखिरी लोकेशन गांगनौली गांव में मिली। साधु की आखिरी बातचीत गांगनौली निवासी महिला शशि के मोबाइल पर हुई थी। पुलिस ने शशि समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। पुलिस को पूछताछ में शशि ने बताया कि उसकी दो भांजियों की शादी साधु बृजेशदास के भाइयों से हुई थी।
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि शशि के साथ साधु के संबंध होने का उसके पति संजीव को शक था। संजीव पांच फरवरी को साधु बृजेशदास को साथ लेकर आया। घर में लाकर कुल्हाड़ी से बृजेशदास के सिर पर वार कर दिया। बृजेशदास की मौके पर ही मौत होने पर संजीव ने फोन करके नरेला दिल्ली में रहने वाले अपने भाई जोगेंद्र को घर बुलाया।