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कोरोना काल में बढ़ा महिलाओं का उत्पीडन

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- साल 2020 में अब तक करीब 305 मुकदमे पंजीकृत
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- रेप, घरेलू हिंसा, दहेज अधिनियम और हत्या के मामले
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कोरोना काल में महिलाओं का उत्पीड़न के मामले भी सामने आए हैं। इस साल अब तक महिला संबंधी अपराध के करीब 305 मुकदमे पंजीकृत हो चुके हैं। दहेज हत्या, रेप, सामूहिक दुष्कर्म, छेड़खानी, घरेलू उत्पीड़न समेत अन्य मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तीन तलाक के भी 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत की जा रही है। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि पुलिस त्वरित गति से कार्य कर रही है। जो भी शिकायतें मिलती हैं, उन पर काम कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
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किस थाने कितने मुकदमे दर्ज
थाना मुकदमे
बागपत 55
बड़ौत 75
खेकड़ा 44
चांदीनगर 10
छपरौली 10
बिनौली 38
रमाला 14
दोघट 10
सिंघावली अहीर 39
बालैनी 10
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महिला थाने में तीन तलाक के 12 मुकदमे
बागपत। महिला थाने में तीन तलाक के अब तक 12 मुकदमे पंजीकृत हुए हैं। महिला थाना प्रभारी नेहा चौहान का कहना है कि महिला उत्पीड़न और घरेलू विवाद के प्रकरणों में पहले दोनों पक्षों का काउंसिलिंग कराई जाती है। अगर समन्वय नहीं बनता तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है।
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केस-एक
- मोदीनगर के सारा गांव की बेबी का निकाह जिले के बिलोचपुरा गांव में हुआ था। दहेज के लिए पहले उत्पीड़न किया गया और इसके बाद हत्या कर दी गई। पीड़ित पक्ष ने ससुराल वालों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
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केस-एक
- सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के गांव में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता को बहाने से बुलाकर वारदात अंजाम दी गई थी। दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
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जिले में 107 महिला प्रधान, पुरुष संभाल रहे कमान
बागपत। एक तरफ मिशन शक्ति में जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं। महिला जनप्रतिनिधियों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन गांव से लेकर प्रशासन तक की बैठकों में प्रधान के प्रतिनिधि के तौर पर पुरुष सदस्य शामिल होते रहे हैं। जिले में 107 महिला प्रधान हैं। अधिकतर जगह परिवार के पुरुष सदस्य ही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। निरपुड़ा गांव की महिला प्रधान मुनेश देवी का कहना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा, जिसके बाद ही बदलाव नजर आएगा।
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