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ऑप्रेशन क्लीन में हप्पू शामिल, सिरदर्द बना सुनील राठी शामिल नहीं

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बागपत। कानपुर में पुलिस कर्मियों की शहादत के बाद कुख्यात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ऑप्रेशन क्लीन तैयार किया गया है। जनपद के एक लाख के इनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू को सूची में शामिल किया गया है। जबकि जेल में बंद होने के बावजूद पुलिस के लिए सिरदर्द बने सुनील राठी का नाम इस सूची में शामिल नहीं है।
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डीजीपी मुख्यालय से सूबे के 25 टॉप अपराधियों की सूची तैयार की गई है। मकसद है अपराध पर नियंत्रण। जेल के बाहर और के अंदर से अंजाम दी जाने वाली आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए पुलिस ने प्लान तैयार किया है। इन अपराधियों के गुर्गों पर पुलिस की नजर रहेगी। इस सूची में जिले के एक लाख के इनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू का नाम शामिल है। बावली गांव निवासी हप्पू ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ अपराध की वारदातें अंजाम दी थी। लंबे समय तक वह पुलिस के लिए सिरदर्द बना रहा। वर्तमान में बरेली जेल में बंद है। हप्पू और परमवीर तुगाना की दोस्ती रही है। पुलिस जांच में सामने आया था कि परमवीर तुगाना ने हप्पू के साथ मिलकर ही एक लाख के इनामी रहे प्रमोद गांगनौली को मौत के घाट उतारा था।
सवाल: सुनील राठी का नाम क्यों शामिल नहीं
बागपत। जेल में रहते हुए पुलिस के लिए सबसे बड़े सिरदर्द बने सुनील राठी का नाम इस सूची में शामिल नहीं है। बागपत जेल में सुनील राठी पर पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप है। अब तिहाड़ में रहते हुए परमवीर तुगाना की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज हुआ। बदरखा के रेत खनन को सुनील राठी अपने रिश्तेदारों का बता चुका है। ऐसे में सवाल है कि सुनील राठी का नाम इस सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया है।
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सूची प्राप्त हुई है। बरेली जेल में बंद हप्पू का नाम इस सूची में शामिल है। पुलिस लगातार अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखती है। हप्पू समेत अन्य अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। - अजय कुमार सिंह, एसपी।
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