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बारिश के साथ ओलावृष्टि, किसानों की बढ़ी चिंता

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बड़ौत में सराय रोड़ स्थित मण्ड़ी में बरसात से भीगे गेहूं को बचाने का प्रयास करता कर्मचारी। - फोटो : BARAUT
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एक सप्ताह में तीसरी बार बदला मौसम
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गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का कार्य रुका
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। जिले में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई। बड़ौत क्षेत्र में ओलावृष्टि भी पड़ी। इसके चलते गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का कार्य रुक गया। मौसम का मिजाज एक सप्ताह में तीन बार बदला है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
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गेहूं की फसल पक चुकी है और ज्यादातार किसान फसल की कटाई कर अपने घर ले जाने में जुटे हैं। मगर, मौसम का मिजाज बार-बार इसमें आड़े आ रहा है। जिले में 16 अप्रैल को आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई थी। गेहूं की फसल सुरक्षित करने को किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद मंगलवार को मौसम फिर से बदला और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। शुक्रवार की सुबह फिर से मौसम अचानक बदला और हवा के साथ तेज बारिश होने लगी। बड़ौत नगर सहित बामनौली, बिजरौल, जौहड़ी, बड़ौली, टयौढ़ी, जौनमाना, ढ़िकाना, लुहारी, किशनपुर बिराल सहित अन्य गांवों में बरसात के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इससे गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का कार्य रुक गया। किसान फसल को बारिश से बचाने का असफल प्रयास करते दिखाई दिए। किसान रविंद्र, सुभाष, बेगराज, शौकेंद्र, शिवपाल, यशवीर आदि ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश से कटाई और थ्रेसिंग का कार्य कुछ समय के लिए रुक गया है। मौसम की मार इसी तरह किसानों पर पड़ती रही तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका है।
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फोटो संख्या 2..........
- जौनमाना निवासी जयकुमार ने कहा कि बारिश से खेतों में कटी गेहूं की फसल भीग गई। अब गेहूं की थ्रेसिंग होने में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
- लुहारी गांव निवासी सुधीर दांगी का कहना है कि बारिश में भीगी गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। खेतों में भूसा भी भीग गया।
- राजेंद्र प्रधान का कहना है कि बारिश से भूसा अधिक खराब हुआ है। गेहूं में भी भारी नुकसान होगा।
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