बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में परीक्षक एक दिन में अधिकतम 50 कॉपियां ही जांच सकेंगे। मूल्यांकन में परीक्षक अधिक पारिश्रमिक लेने के चक्कर में अंकों के जोड़ में गड़बड़ी कर देते है। इसी को देखते हुए इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन के लिए एक परीक्षक को एक दिन में 50 कॉपियां जांचने के निर्देश दिए है।
16 मार्च से 25 मार्च तक दस दिन तक चलने वाले मूल्यांकन के लिए यूपी बोर्ड ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए है। इस बार परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की अधिकतम 50 और इंटरमीडिएट की 45 कॉपियां ही जांच सकेंगे। परीक्षकों को एक बार के बजाए दोनों पालियों में आधी-आधी कॉपियां जांचने के लिए दी जाएगी। परीक्षक अधिक पारिश्रमिक लेने के चक्कर में कभी अंकों के जोड़ में तो कभी बिना उत्तर के प्रश्नों में भी अंक जोड़ देते थे। इस बार बोर्ड ने इस प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू ही है। इसके तहत एक परीक्षक हाईस्कूल की 50 तथा इंटरमीडिएट की 45 कॉपियां ही चैक कर सकेगा। जिले में मूल्यांकन के लिए दो केंद्र बनाए गए है। इनमें से श्री यमुना इंटर कालेज में इंटरमीडिएट एवं बड़ौत के जनता इंटर कालेज में हाईस्कूल की परीक्षा का मूल्यांकन कार्य किया जाएगा।
परीक्षकों के मूल्यांकन का भी होगा मूल्यांकन
बागपत। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के दौरान केंद्रों पर डिप्टी हेड एग्जामिनर 20-20 उत्तर पुस्तिकाएं जांचकर टीम के परीक्षकों को देंगे। परीक्षक उसी के अनुरूप मूल्यांकन करेंगे। इसके अलावा डिप्टी हेड अपनी टीम के सहायक परीक्षकों की मूल्यांकित कॉपियों में से कोई भी दस-दस कॉपी चुनकर उनका दोबारा मूल्यांकन कर परीक्षकों के मूल्यांकन की परख करेंगे।