पहले दिन कलश स्थापना की, मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। गुप्त नवरात्र का प्रारंभ रविवार को हो गया। आदि शक्ति मां दुर्गा के अनुष्ठान के तहत वर्ष में तीन बार नवरात्र का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में आषाढ़ शुक्लपक्ष प्रथम तिथि को गुप्त नवरात्र के अनुष्ठान करने की परंपरा सनातन धर्म में है। शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।
प्रतिपदा यानि 11 जुलाई को पहले दिन कलश स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा की। पंडित पंकज अगस्त्य ने बताया कि इस बार नवरात्रि में षष्टी तिथि का क्षय होने के कारण आठ दिन तक गुप्त नवरात्र रहेंगे। नवरात्र शुरू होने के साथ पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, ठाकुर द्वार, रेलवे स्टेशन परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। हालांकि कोरोना के खतरे को देखते हुए अधिक भक्तों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसलिए कई श्रद्धालु मंदिर के द्वार से ही मां के दर्शन कर और पुजारी से पूजन कराकर लौट गए। कोविड नियमों का पालन करते हुए मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके साथ ही घर-घर में कलश स्थापना कर मां की विशेष आराधना करना श्रद्धालुओं ने शुरू कर दिया है।