बागपत। मवीकलां के रिसोर्ट में शनिवार को डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें जीएसटी की विसंगतियों व उसके समाधान पर मंथन किया गया और जीएसटी एक्ट में संशोधन कर इसे सरल करने की मांग रखी गई।
सेमिनार में बागपत के अलावा आगरा, अलीगढ़, मथुरा, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, शामली, सोनभद्र, प्रयागराज समेत अन्य जिलों से सीए व अधिवक्ता पहुंचे। सेमिनार में पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मयंक जैन ने कहा कि परिश्रम सफलता की कुंजी है। जीवन में किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। कहा कि युवा पीढ़ी को अपने वरिष्ठों से उनके अनुभवों का लाभ लेना चाहिए। अनुभव के साथ आगे बढऩे पर कभी परेशानी नहीं आती है। दिल्ली से जीएसटी विशेषज्ञ सीए विमन जैन ने कहा कि जब भी कोई नया टैक्स आए तो सरकार को उसे समझने के लिए कुछ समय देना चाहिए। अचानक बदलाव करने से समस्या होती है। जीएसटी में आठ साल बाद भी विसंगतियां दूर नहीं हो सकी हैं और समस्याओं की भरमार है। मगर इन समस्याओं का सरकार समाधान नहीं कर रही है। किसी का रजिस्ट्रेशन रद्द करना है तो उसको बिना वजह बताए रद्द कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि अगर जीएसटी की विसंगतियां दूर हो जाएगी तो सरकार का राजस्व बढ़ सकता है। इसपर अच्छा काम हो सकता है। मगर काफी समय तक जीएसटी काउंसिल की बैठक नहीं होती है। इस बार काउंसिल की बैठक में समस्याएं रखी जाएगी, जिससे उनका समाधान हो सके। उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन के संस्थापक अध्यक्ष हर्ष शर्मा एडवोकेट, प्रांतीय अध्यक्ष विक्रम सिंह भदौरिया एडवोकेट, एनके अरोरा, प्रेम सुंदर उपाध्याय ने भी संबोधित किया। सेमिनार की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर कुमार जैन एडवोकेट ने की और उनके साथ ही अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान एडवोकेट जितेंद्र कुमार जैन, आशुतोष अग्रवाल, सीएम राहुल जैन, सौरभ जैन, जसपाल सिंह राणा, नरेन्द्र मान, अंकित लपराणा, मेरठ से अरुण जैन, मनुऋषि व आलोक गोयल आदि मौजूद रहे।