शामली। जनपद में फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने वालों पर विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। तीन करोड़ की जीएसटी चोरी मामले के बाद अब कई अन्य संदिग्ध फर्म और कारोबारी भी विभाग के रडार पर आ गए हैं।
जीएसटी के उपायुक्त लोमेश कुमार ने बताया कि हाल ही में करीब तीन करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी और संबंधित फर्म का पंजीकरण निरस्त कराया गया था। इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका भी अहम रही और आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं, जिन्हें चिन्हित कर लिया गया है। इन सभी के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीमें लगातार ऐसे लोगों पर नजर बनाए हुए हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे कर चोरी में लिप्त हैं।
उपायुक्त ने व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को फर्जी फर्म बनाकर धोखाधड़ी करने वालों की जानकारी हो तो तुरंत विभाग को सूचित करें। इससे न केवल दोषियों पर कार्रवाई संभव होगी, बल्कि सरकार के राजस्व की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।