विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष
13 लाख 54 हजार 77 पौधे रोपित किए गए थे वर्ष 2021 में बागपत जनपद में
22.91 लाख का बजट मिला था, वन विभाग का लक्ष्य दो लाख 49 हजार 800 था
समुचित देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए अधिकांश पौधे, मौके पर मिले सिर्फ गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बागपत जनपद में वर्ष 2021 में किए गए पौधरोपण अभियान की वर्तमान स्थिति सिर्फ यहीं बया कर रही है कि इसमें केवल धन की बर्बाद हुई है। मौके पर पौधे नदारद है। विभागीय रिकार्ड के अनुसार गत वर्ष जनपद को 13 लाख 54 हजार 77 पौधों को रोपित करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए 22.91 लाख का बजट जारी किया गया था। इसमें वन विभाग का लक्ष्य 2 लाख 49 हजार 800 था। प्रचार प्रसार के साथ पौधरोपण भी किया गया। मगर, वर्तमान में अधिकांश पौधे समुचित देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए।
पौधरोपण के साथ फोटो खिंचवाने के बाद खत्म हो जाती है जिम्मेदारी
पौधों के सूखने का मुख्य कारण यह भी है कि पौधरोपण करने के बाद किसी भी अधिकारी और कर्मचारी ने इससे अपनी जिम्मेदारी नहीं समझा। उनकी जिम्मेदारी पौधरोपण के दौरान फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रही। इसके बाद पौधों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारियां खत्म हो जाती है। पूर्व में हुए पौधरोपण की हकीकत यह है कि कोई पेड़ सूखकर बर्बाद हो चुका है तो कोई ट्री-गार्ड गिरने से टूट गया है।
इस साल बढ़ाया गया पौधारोपण का लक्ष्य
जनपद को इस बार 14 लाख 63 हजार 392 पौधो को रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें वन विभाग को 2 लाख 89 हजार 926 पौधे रोपित करने को कहा गया है।
एक साल बाद भी नहीं दी जीओ टैगिंग रिपोर्ट
गत वर्ष किए गए पौधरोपण की सुरक्षा के प्रति जवाबदेही के लिए शासन की ओर से पौधों की जियो टैगिंग कराई थी। पौधरोपण को एक साल बीत चुका है, लेकिन वन विभाग को छोड़ कर किसी भी अन्य विभाग ने इसकी रिपोर्ट नहीं दी है। डीएफओ हेमंत सेठ के मुताबिक कि वन विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधों की जीओ टैंगिग कराई गई थी। इसमें 99.50 प्रतिशत से अधिक पौधे जीवित मिले। अन्य विभागों द्वारा अभी तक जीओ टैंगिग की रिपोर्ट नहीं दी गई है।
ये है पौधारोपण का हाल
बड़ौत-अमीनगर सराय मार्ग पर गत वर्ष पौधारोपण किया गया था। वर्तमान में वह लंबी-लंबी घास खड़ी थी और पौधा सूखा चुका था।
बड़ौत-छपरौली मार्ग पर भी अधिकांश पौधे सूखे पड़े थे। पौधो को बचाने के लिए लगाया गया ट्री-गार्ड भी नहीं था।
पौधरोपण करने के बाद प्रत्येेक अधिकारी व कर्मचारियों को इनकी देखरेख करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाती है। यदि इसके बावजूद भी कोई कर्मचारी इसमें लापरवाही बरता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप काम कराया जाएगा। - हेमंत सेठ, डीएफओ।