गन्ना क्षेत्र में अनुदान के खाद-पानी से लहलहाएंगी हरी सब्जियां
- हरी सब्जियों की खेती के किसानों को उद्यान विभाग देगा 40 फीसदी अनुदान
- उद्यान विभाग व्यवसायिक खेती अपनाने पर दे रहा जोर
बड़ौत। इलाके के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उद्यान विभाग व्यवसायिक खेती पर जोर दे रहा है। धान और गेहूं के अलावा धरतीपूत्रों को सब्जी की खेती से जोड़ने के लिए उद्यान विभाग ने पहल की है। इसके तहत किसानों को शिमला मिर्च, टमाटर, पत्तागोभी व फूलगोभी की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने को 40 फीसदी अनुदान देने की पहल की है।
दरअसल, सब्जियों में महंगाई का शोर हर साल होता है। इसके चलते आमजन परेशान तो रहता है। हर किसान अपने खेतों में सब्जियां उगाएं इसके लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान देने की योजना बनाई है। इसके जरिए यह संदेश देने की पहल हो रही है कि लोग अपने जरूरत की सब्जी अपने खेत में ही उगाएं। ताकि महंगाई का बोझ कम हो सके। शासन स्तर से सामान्य वर्ग व अनुसूचित वर्ग के किसानों को कितने हेक्टेयर सब्जियां उगानी है, इसका लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। सामान्य वर्ग किसानों को चार हेक्टेयर शिमला मिर्च, 22 हेक्टेयर टमाटर, 10 हेक्टेयर पत्तागोभी और 10 हेक्टेयर फूलगोभी का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, अनुसूचित किसानों को शिमला मिर्च एक हेक्टेयर, टमाटर 18 हेक्टेयर, पत्ता गोभी आठ व फूल गोभी पांच हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को इसका लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सीओ कार्यालय के पीछे स्थित उद्यान विभाग के संचालित सचदल ईकाई बड़ौत के प्रभारी देवराज ने बताया कि गन्ना के अलावा सब्जियों के प्रति किसानों का रूझान बढ़ाने के लिए समय-समय पर योजनाएं संचालित की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जागरूक किया जाता है।
ये बोले किसान----
बड़ौत। किसान अनिल का कहना है कि क्षेत्र का गन्ना किसान बकाया गन्ना भुगतान न होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। सब्जियों की खेती पर सरकार अनुदान दे रही है। ऐसे में किसानों को अन्य फसलों पर भी ध्यान देना चाहिए।
बड़ौत। किसान देवराज का कहना है कि गन्ने की फसल में लागत व मेहनत अधिक है। मिल अधिकारी भुगतान समय पर नहीं करते हैं। ऐसे में सब्जियां उगाना बेहतर होगा। कम से कम सब्जियां बिकने के बाद नगद पैसे तो है।