आरिफ मोहम्मद खान ने प्रेरक शब्दों में कहा -'मैं विद्वान नहीं बल्कि विद्यार्थी हूं। विद्यार्थी का काम है निरंतर पढ़ना और अध्ययन करना, और मैं वही करता हूं। अध्ययन मेरा शौक है और भारतीय संस्कृति पर मुझे गर्व है।'
उन्होंने कहा कि आस्था के बिना मुक्ति संभव नहीं है, भगवान हर किसी के अंदर आत्मा के रूप में निवास करते हैं। ज्ञानी पुरुष स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए मेहनत करता है।
लोकतंत्र पर विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की जनता लोकतंत्र को कभी कमजोर नहीं होने देगी। महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने और ज्ञान को साझा करने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ. सतपाल सिंह ने कहा कि प्रत्येक घर में यज्ञ होना चाहिए, चाहे रोजाना या सप्ताह में एक बार। उन्होंने इसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव का उपाय बताया। मौके पर डॉ. मनीष तोमर, नरेंद्र त्यागी, जेपी सिंह, रवि शास्त्री सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।