बेहट। दयालपुर गांव में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में बुधवार की रात कथा व्यास पंडित संजय प्रपन्नाचार्य ने समुंद्र मंथन व वामन अवतार के प्रसंग सुनाए।
कथा वाचक ने कहा, कि देवता, दानव व मानव तीनों का परम लक्ष्य है अमृत की प्राप्ति। नारायण की आज्ञा से देवता और दैत्यों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। प्रारंभ में हलाहल विष निकला, जिसका पान भगवान शिव ने किया। इसके उपरांत अनेक रत्नों के बाद अमृत की प्राप्ति हुई।
मनुष्य का भी संसार रूपी समुद्र में सद् गुरू की आज्ञानुसार मन रूपी मंदराचल से कुविचार और सुविचार रूपी मथानी से सद्ज्ञान, भक्ति और मोक्ष रूपी अमृत प्राप्त करना ही परम लक्ष्य है। कथा में सहारनपुर विभाग प्रचारक आशुतोष ने श्रोताओं को कथा की शिक्षा को जीवन में अपनाने व ऐसे आयोजन बार बार आयोजित करने की प्रेरणा दी।
महानगर प्रचारक तरुण वालिया, राजन गुप्ता, विशाल गर्ग, मुख्य यजमान दीपक सैनी, अनुज धीमान ने व्यास पूजन किया। मास्टर अश्वनी सैनी, बिजेंद्र सैनी, ब्रिजेश प्रधान, शिवम सैनी, सत्यम, वंश, रितिक, रजत प्रजापति, दीपक प्रजापति आदि शामिल रहे।