बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित कैदी
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वायरल ने लोगों को जकड़ लिया है। हर गांव में बुखार के पीड़ित हैं, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने के कारण लोगों को प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज कराना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
जिले में बुखार के रोगियों की संख्या रोज बढ़ रही है। लोग सामान्य बुखार से लेकर डेंगू और चिकनगुनिया, टाइफाइड और वायरल की चपेट में हैं। प्राइवेट चिकित्सकों के छोटे-बड़े सभी क्लीनिकों में मरीजों की भरमार है। यह ही नहीं जिला जेल में भी बुखार ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को पुलिस कर्मियों ने कुछ बंदियों को उपचार जिला अस्पताल में करवाया। यहां पर दिनभर में सैकड़ों मरीजों को चिकित्सकों ने उपचार करने के बाद दवा दी।
सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा ने बताया मरीजों में केवल सामान्य बुखार है। चिकनगुनिया के मरीज भी पहुंच रहे हैं। जिले में डेंगू का मरीज अभी तक नहीं मिला है। सामान्य बुखार से डरने की कोई जरूरत नहीं है। दवाई लेने के बाद सही हो जाता है। जिला अस्पताल में ढाई हजार से अधिक मरीजों का उपचार हो रहा है।
जानकारी मिलते ही लगाते हैं हेल्थ कैंप
सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया जिस भी गांव में उन्हें बुखार और अन्य बीमारियों के बढ़ने की शिकायत मिलती है, वह तुरंत हेल्थ कैंप लगवा देते हैं। सीएचसी के चिकित्सक किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहे हैं। सीएचसी में भी सैकड़ों मरीजों को दिनभर में उपचार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने डीएम को भेजी चिट्ठी
बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर बुखार में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा दवा की व्यवस्था से लेकर मरीजों की देखभाल का जिम्मा सीएमओ के अलावा जिलाधिकारी का होगा। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।