जैन धर्मशाला में गुरू तेग बहादुर की शहादत पर 11वां विशाल नगर कीर्तन हुआ
सोमवार को बागपत पहुंचेगी शीश मार्ग यात्रा, नगर में किया जाएगा स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर की जैन धर्मशाला में रविवार को गुरू तेग बहादुर की शहादत पर 11वां विशाल नगर कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अलवर, अमृतसर व दिल्ली से पहुंचे ग्रंथियों ने गुरु तेग बहादुर के जीवन पर प्रकाश डाला। कीर्तन में पहुंचे सभी समाज के लोगों का स्वागत किया गया। सोमवार को दिल्ली से शीश मार्ग यात्रा बागपत पहुंचेगी।
गुरु तेगबहादुर की शहादत पर नगर की जैन धर्मशाला में कीर्तन दीवान व गुरु तेग बहादुर का दरबार लगाया गया। जैन धर्मशाला में पंजाब, हरियाणा, गुजरात व अन्य जनपदों से आए समाज के लोगों को सरोपा भेंट करके स्वागत किया गया। रागी हरबन सिंह, जगतार सिंह, हरनाम सिंह ने बताया कि गुरु तेगबहादुर को दिल्ली में लाकर शीश काट दिया गया था। दिल्ली में शहीद होने के बाद उनके शीश को भाई जैता सिंह लेकर निकल पड़े और वह सीलमपुर, शाहदरा, लोनी बॉर्डर, बागपत, बहालगढ़, पानीपत, करनाल से होते हुए पंजाब में आनंदपुर साहिब पहुंचे। नगर कीर्तन में गुरु तेगबहादुर के समय के प्रमुख ग्रंथ के दर्शन कराए गए। बताया कि सोमवार को शीश मार्ग यात्रा दिल्ली से चलकर बागपत पहुंचेगी। कई जगह पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर नंदलाल डोगरा, शादीलाल खुराना, जीत सिंह, गोपालदास नारंग, हिमांशु गुलियानी, मोहित, दीपक सिंधी, राजेश खुराना, अमन, मोंटी, सुरेंद्र कुमार, सुनील खुराना, मोहित खट्टर, रोहण अरोडा, ग्रवित अरोडा, हर्ष मौजूद रहे।