फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्गाष्टमी पर ढूंढे नहीं मिलीं कन्याएं

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना का असर------
विज्ञापन

घर में मौजूद कन्याओं को ही पूजन कर प्रसाद खिलाया
फोटो संख्या 2..........
बड़ौत।
दुर्गाष्टमी कन्या पूजन आस्था पर कोरोना का साया छा गया। दुर्गाष्टमी पर कन्याओं के पूजन व प्रसाद की परंपरा हैं, लेकिन इस बार ढूंढने से भी कन्या पूजन के लिए नहीं मिली। वहीं लोगों ने कन्याओं को एक दूसरे के घरों पर भेजने से परहेज किया। जिस कारण लोगों ने अपने घर पर मौजूद कन्याओं का पूजन कर प्रसाद खिलाकर संतोष किया।
देश में इस समय कोरोना की दूसरी लहर घातक बनी हुई है। रोजाना कोरोना संक्रमित मरीजों के रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े सामने आ रहे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण ने लोगों की धार्मिक आस्था पर भी अपना काला साया छोड़ना शुरू कर दिया हैं। मंगलवार को नगर व देहात क्षेत्र में दुर्गाष्टमी कन्या पूजन का मनाया, लेकिन कन्या पूजन के लिए श्रद्धालुओं को कन्याएं ढूंढे नहीं मिली। इससे श्रद्धालु मायूस है। उन्होंने मां की पूजा-अर्चना कर कोरोना काल के खात्मे की प्रार्थना की है।
विज्ञापन

ये बोले श्रद्धालु
कन्याओं को एक दूसरे के घरों पर भेजने से मना किया
बड़ौत। गृहणी सुमन सिंह ने बताया कि हर वर्ष उनके घर पर नौ कन्याओं की पूजा पूजन कर प्रसाद वितरण की परंपरा है। इस दौरान आस पड़ोस की छोटी-छोटी कन्याएं गली मोहल्लों में टोलियां बनाकर प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसके बाद उन्हें उपहार आदि भी मिलते थे, लेकिन आज कोरोना संक्रमण के कारण लोगों ने अपनी कन्याओं को एक दूसरे के घरों पर भेजने से मना कर दिया।
विज्ञापन

किसी ने भी कन्याओं को एक दूसरे के घरों पर नहीं भेजा
बड़ौत। नीतू का कहना है कि मां भगवती स्वरूप कन्याओं को प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तजन इधर-उधर ढूंढते फिरे, परंतु किसी ने भी अपनी कन्याओं को एक दूसरे के घरों पर नहीं भेजा। जिस कारण लोगों ने अपने घरों पर मौजूद कन्याओं की पूजा कर प्रसाद खिलाकर संतोष किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें