- सांसद प्रतिनिधि ठाकुर प्रदीप सिंह का वार्ड महिला के लिए आरक्षित
- निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेणू धामा को बदलना पड़ेगा वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत सदस्य पद के 20 वार्डों का आरक्षण जारी कर होने के बाद समीकरणों के साथ दिग्गजों की रणनीति भी बदल गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड-18 का आरक्षण भी अनुसूचित जाति की महिला के लिए घोषित हुआ है। ऐसे में राजनीतिक दिग्गज इसी वार्ड से सियासी मैदान में उतरने का सपना संजोए हुए हैं। हालांकि अनारक्षित वार्ड से भी वह किस्मत आजमा सकते हैं।
जिला पंचायत सदस्य पद के वार्ड संख्या 2, 3, 4, 7, 9, 10, 12, 14, 15 अनारक्षित रखे गए हैं। नए परिसीमन के कारण वार्ड 18 की राजनीति में सबसे अधिक बदलाव हुआ है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेणू धामा वार्ड 18 से ही सदस्य पद का चुनाव लड़ी थी, लेकिन इस बार यह वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यही वजह है कि रेणू धामा इस बार वार्ड 15 से सदस्य पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। सांसद प्रतिनिधि ठाकुर प्रदीप सिंह ने जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव वार्ड 16 से लड़ा था, इस बार यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
यह वार्ड भी रहेंगे नजर में
बागपत। पिछले जिला पंचायत सदस्य चुनाव में वार्ड पांच से कुख्यात धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी सदस्य चुनीं गई थी। यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित किया गया था। इस बार पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने पिछली बार वार्ड आठ से चुनाव लड़ना था। पिछले चुनाव में यह वार्ड अनारक्षित था, लेकिन इस बार पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है।