बड़ौत (बागपत)। खेड़ी प्रधान गांव के यमुना खादर में यमुना की धार मोड़कर हरियाणा के बालू माफिया द्वारा किए जा रहे अवैध रेत खनन की जांच करने के लिए सोमवार को गाजियाबाद की टीम पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। मंगलवार को फिर से टीम खादर में पहुंचकर रेत खनन की जांच करेगी।
खेड़ी प्रधान गांव के यमुना खादर में अवैध रेत खनन का मामला लखनऊ और दिल्ली तक गूंजा। सोमवार को गाजियाबाद से खनन विभाग की टीम यमुना खादर में पहुंची और एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों को इसकी सूचना दी। सूचना पर जब तक जनपद के स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब तक अंधेरा हो चुका था। इसके बाद बिना जांच किए ही गाजियाबाद की टीम लौट गई। एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने बताया कि गाजियाबाद की टीम यमुना खादर में जांच करने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण टीम जांच नहीं कर पाई। मंगलवार को फिर से टीम यमुना खादर में पहुंचकर जांच करेगी।
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यह है पूरा मामला
बड़ौत। हरियाणा के बालू माफिया खेड़ी प्रधान गांव के यमुना खादर में यमुना की धार मोड़कर यूपी की सीमा में पोर्कलेन से बालू का अवैध खनन कर रहे थे। इससे खेड़ी प्रधान गांव के सैकड़ों किसानों की फसल जलमग्न हो गई। सूचना पर एसडीएम दुर्गेश कुमार मिश्र, सीओ बड़ौत आलोक सिंह, सीओ बागपत ओमपाल सिंह भारी पुलिस बल और राजस्व कर्मियों की टीम के साथ मौके पर छापा मारा तो टीम को दोनों राज्यों की सीमा पर बालू का बड़े स्तर पर खनन होता मिला। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की टीम को देखकर माफिया खनन स्थल पर पॉकलेन, डंपर, ट्रक आदि सामान को छोड़कर हरियाणा की ओर भाग गए। हालांकि टीम ने 13 लोगों को मौके पर हिरासत में लेकर नौ पार्केलेन, एक जेसीबी, छह डंपर, एक ट्रॉला, 3.74 लाख रुपये की नगदी, एक क्रेटा कार व नौ मोबाइल कब्जे मेें लिए थे। इस मामले में बोहला चौकी इंचार्ज जनार्दन ने जयवीर शर्मा निवासी डीएसपी एसोसिएट पानीपत हरियाणा सहित 24 लोगों के खिलाफ आपराधिक कानून अधिनियम, खान एवं खनिज अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1980 के साथ-साथ 15 धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि इस मामले में पुलिस ने 13 लोगों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।