बागपत के गांगनौली के खूनी कांड से आहत युवक पंकज राठी ने गांव छोड़ दिया है। वह दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गया है। पीड़ित युवक के परिवार के चार सदस्य की हत्या हो चुकी है। पिता की बीमारी से मौत हो गया। वह अपने घर में अकेला रह गया था। इसलिए उसने यह कदम उठाया है। उसकी सुरक्षा में लगी पुलिस और पीएसी वहां से लौट आई है।
गांगनौली गांव के पंकज राठी के परिवार की गांव के ही मोस्ट वांटेड रह चुके प्रमोद के गैंग से रंजिश चल रही है। 15 अप्रैल 2014 को उसके भाई परीक्षित की गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिजन केस की पैरवी कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा में पीएसी और सिविल पुलिस तैनात थी। 10 अक्तूूबर 2016 को उसके मकान में खून खराबा हुआ। उनकी माता सविता देवी, बहन प्रीति और नाना मांगेराम और उनकी सुरक्षा में लगे दो पुलिस वालों की हत्या कर दी।
पंकज राठी ने प्रमोद गांगनौली के भाई प्रवीण और उसके साथियों पर हत्या करने का आरोप लगाकर दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस ने सोनीपत के दो युवकों और धनौरा के प्रधान के पति सहदेव को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर प्रवीण राठी और उसके साथियों को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद से ही पंकज के पिता रामफल बीमार हो गए थे। बाद में उनका भी निधन हो गया। मकान में परिवार का अकेला सदस्य पंकज रहा गया था। इसके कारण पंकज अपने गांव से बाहर शिफ्ट हो गया है। उसकी सुरक्षा में लगी पुलिस और पीएसी वहां से वापस लौट गई है। आरआई राजवीर सिंह ने कहा गांगनौली का पंकज अपने गांव को छोड़कर किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया है, उसने पुलिस को फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी।